चंडीगढ़:प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री और पिहोवा से चार बार विधायक रहे दिवंगत जसविंदर सिंह संधू के छोटे बेटे गगनजोत सिंह संधू का शनिवार को उनके पैतृक गांव गुमथला गढ़ू में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे आफताब ने चिता को मुखाग्नि दी, जबकि स्पेन में पढ़ाई कर रहा उनका छोटा बेटा इस अंतिम विदाई में शामिल नहीं हो सका। अंतिम यात्रा में विभिन्न दलों के कई विधायक, पूर्व मंत्री और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
सुसाइड की घटना और पारिवारिक पृष्ठभूमि
शुक्रवार को पंजाब के रोपड़ जिले के पखराली गांव स्थित एक फार्म हाउस में 48 वर्षीय गगनजोत सिंह संधू ने कथित तौर पर लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि पुलिस आत्महत्या के स्पष्ट कारणों की जांच कर रही है, लेकिन शुरुआती तौर पर इसके पीछे घरेलू कलह की आशंका जताई जा रही है। वर्ष 2019 में पिता जसविंदर सिंह संधू के निधन के बाद से वे अपने भाइयों से अलग होकर पास ही नए घर में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे।
राजनीतिक सफर और डिजिटल पंचायत की पहल
पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी गगनजोत पर भी थी। उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और बाद में कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए थे। राजनीति के अलावा वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे और गुमथला गढ़ू गांव से दो बार सरपंच चुने गए। उनके कार्यकाल के दौरान वर्ष 2016 में इस गांव को प्रदेश की पहली हाईटेक वाई-फाई डिजिटल पंचायत के रूप में पहचान मिली थी। अंतिम संस्कार के उपरांत गांव के गुरुद्वारे में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई।

