बसंत पंचमी, जिसे श्री पंचमी या ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है, बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक पर्व है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें ज्ञान, कला, संगीत और विद्या की देवी माना जाता है. बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनने की परंपरा बहुत पुरानी है और इसके पीछे धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक, तीनों कारण जुड़े हुए हैं, आइए विस्तार से जानते हैं इसकी वजह.
1. पीला रंग बसंत ऋतु का प्रतीक है
बसंत ऋतु को ‘ऋतुराज’ कहा जाता है, क्योंकि यह मौसम सुख-समृद्धि और सौंदर्य का संदेश लेकर आता है.
इस मौसम में सरसों के खेत पूरी तरह पीले फूलों से ढक जाते हैं.
खेत-खलिहान की हरियाली और सरसों की पीली चादर बसंत का मुख्य रूप है.
इसी कारण बसंत पंचमी पर पीला रंग पहनना प्रकृति के प्रति सम्मान और ऋतु के आगमन का स्वागत माना जाता है.
2. पीला रंग मां सरस्वती का प्रिय माना गया है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
देवी सरस्वती को सफेद और पीला रंग अत्यंत प्रिय हैं.
उन्हें अक्सर पीले या हल्के वस्त्रों में दर्शाया गया है, क्योंकि ये रंग सादगी, ज्ञान, बुद्धि और शांति का प्रतीक हैं.
इसलिए भक्त पीला वस्त्र धारण कर मां सरस्वती को समर्पण और श्रद्धा प्रदर्शित करते हैं.
3. पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक
रंगों का हमारे मन और ऊर्जा पर गहरा प्रभाव होता है.
पीला रंग उत्साह, ऊर्जा, उजास और सकारात्मकता का रंग माना जाता है.
यह दिमाग को सक्रिय करता है और मन को प्रसन्न बनाता है.
बसंत पंचमी का त्योहार पढ़ाई, संगीत और कला की शुरुआत का प्रतीक है. ऐसे में पीला रंग मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माना जाता है.
4. आयुर्वेद और विज्ञान भी मानता है पीले रंग का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार:
पीला रंग पित्त को संतुलित करता है.
यह शरीर में गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करता है.
सर्दियों से निकलकर जब मौसम हल्का गर्म होने लगता है, तब पीला रंग शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है.
वैज्ञानिक दृष्टि से:
पीले रंग की तरंगें (wavelength) मन को शांत और शरीर को सक्रिय रखने में मदद करती हैं.
यह ध्यान और अध्ययन के लिए अच्छा माना जाता है.
इसी कारण स्कूलों और संस्थानों में बसंत पंचमी के दिन बच्चे और शिक्षक पीला वस्त्र पहनते हैं.
5. भोजन में पीला रंग – समृद्धि और शुभता का प्रतीक
बसंत पंचमी पर न केवल पीले कपड़े पहने जाते हैं, बल्कि पीले भोजन भी बनाया जाता है, जैसे,
मीठा चावल
केसरिया हलवा
खिचड़ी
सरसों का साग
पीले भोजन में ऊर्जा और गर्माहट देने वाली सामग्री होती है, जो बदलते मौसम के लिए उपयोगी है. पीला भोजन भी समृद्धि और शुभता का संदेश देता है.
बसंत पंचमी पर पीला कपड़ा पहनना केवल परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति, ऊर्जा और अध्यात्म का सुंदर संगम है. पीला रंग बसंत के उल्लास, देवी सरस्वती की कृपा, सकारात्मक ऊर्जा और शरीर-मन के संतुलन का प्रतीक है. इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना शुभ, पवित्र और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है.

