Tuesday, February 17, 2026

स्कंद षष्ठी कब है? सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी पूजा, जानें तारीख, मुहूर्त और महत्व

स्कंद षष्ठी का व्रत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को है. इस दिन व्रत रखकर देवताओं के सेनापति और शिव-गौरी पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं. इस बार स्कंद षष्ठी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं. स्कंद षष्ठी की पूजा सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी. आइए जानते हैं कि स्कंद षष्ठी व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व क्या है?
स्कंद षष्ठी ​की तारीख

पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 22 फरवरी को सुबह में 11 बजकर 9 मिनट पर होगा. यह तिथि 23 फरवरी को सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी. ऐसे में पूजा समय के आधार पर स्कंद षष्ठी का व्रत 22 फरवरी मंगलवार को रखा जाएगा.

फरवरी का स्कंद षष्ठी व्रत 4 शुभ योग में है. व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 06 बजकर 53 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम को 05 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. उसके बाद रवि योग बनेगा. रवि योग उस दिन शाम में 5 बजकर 54 मिनट से बनेगा और 23 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगा.

षष्ठी के दिन शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 09 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग बनेगा, जो अगले दिन सुबह तक है. व्रत के दिन अश्विनी नक्षत्र सुबह से लेकर शाम 05:54 पी एम तक है, उसके बाद से भरणी नक्षत्र है.
स्कंद षष्ठी मुहूर्त
जो लोग स्कंद षष्ठी का व्रत रखेंगे, वे पूजा सुबह में या दोपहर में कर सकते हैं. इस बार स्कंद षष्ठी व्रत की पूजा दिन में अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त में 11 बजकर 09 ए एम से दोपहर 12 बजकर 35 पी एम तक है.
इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 05:12 ए एम से 06:03 ए एम तक है, वहीं अभिजित मुहूर्त यानि दिन का शुभ समय दोपहर में 12:12 पी एम से लेकर 12:57 पी एम तक है. वहीं निशिता मुहूर्त देर रात 12:09 ए एम से लेकर 12:59 ए एम तक है.
स्कंद षष्ठी का महत्व
स्कंद षष्ठी का व्रत रोगों से मुक्ति के लिए किया जाता है. भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद से उत्तम सेहत प्राप्त होती है. संतान, सुख, समृद्धि आदि की प्राप्ति के लिए भी स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाता है.

Latest news

Related news