शनि प्रदोष व्रत कब है? त्रयोदशी पर बनेंगे 3 शुभ योग, जानें तारीख, मुहूर्त, पारण और महत्व

शनि प्रदोष व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा. शनिवार के दिन त्रयोदशी होने की वजह से यह शनि प्रदोष व्रत है. शनि प्रदोष व्रत के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने व्यक्ति को संतान की प्राप्ति होती है. इस बार शिव पूजा के लिए भक्तों को 2 घंटे 1 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा. आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की तारीख, मुहूर्त और पारण समय के बारे में.
शनि प्रदोष व्रत 2026 तारीख
वैदिग पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 26 जून को रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगा. यह तिथि 28 जून को 12:43 ए एम पर खत्म होगी. ऐसे में प्रदोष काल के आधार पर शनि प्रदोष व्रत 27 जून शनिवार को रखा जाएगा.

शनि प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त
यदि आप शनि प्रदोष व्रत रखना चाहते हैं तो इसकी पूजा शाम को 7 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ करें. मुहूर्त का समापन रात 9 बजकर 23 मिनट पर होगा. उस समय लाभ-उन्नति मुहूर्त शाम 07:23 पी एम से रात 08:38 पी एम तक रहेगा. इस समय में आपको शनि प्रदोष व्रत की पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए. इस व्रत की पूजा शाम के समय ही की जाती है.

शनि प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से 04:45 ए एम तक है. इस समय में आप स्नान कर सकते हैं. शनि प्रदोष पर अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:56 ए एम से लेकर दोपहर 12:52 पी एम तक है. वहीं निशिता मुहूर्त देर रात 12:04 ए एम से 12:44 ए एम तक रहेगा.

3 शुभ योग में शनि प्रदोष व्रत 2026
शनि प्रदोष व्रत के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. व्रत वाले दिन रवि योग रात में 10 बजकर 11 मिनट से बनेगा और अगले दिन 28 जून को प्रात: 05 बजकर 26 मिनट तक मान्य रहेगा. रवि योग में शुभ कार्य करना उत्तम फलदायी होता है.
रवि योग के अलावा उस दिन सुबह प्रात:काल में साध्य प्रारंभ होगा, जो दोपहर 12:32 पी एम तक रहेगा. उसके बाद से शुभ योग बनेगा. वहीं अनुराधा नक्षत्र सुबह से लेकर रात 10:11 पी एम तक है, उसके बाद से ज्येष्ठा नक्षत्र है.
शनि प्रदोष व्रत 2026 पारण समय
27 जून को शनि प्रदोष व्रत रखने वाले लोग 28 जून को सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा करेंगे. उस दिन सूर्योदय सुबह 05:26 ए एम पर होगा

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