धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और झाड़ू खरीदने की परंपरा तो ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन इस दिन एक छोटी सी चीज खरीदना भी शुभ माना जाता है. यह है साबुत धनिया. कई लोग धनतेरस पर धनिया तो खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि पूजा के बाद इसका क्या करना चाहिए और इसे घर में कहां रखना चाहिए.
लोकल 18 से बातचीत में ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है. इसी दिन से दिवाली के त्योहार की शुरुआत भी मानी जाती है. मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इसलिए लोग इस दिन सोना, चांदी के सिक्के, पीतल और तांबे के बर्तन, झाड़ू और नए बर्तन खरीदते हैं. कई लोग वाहन और घर की खरीदारी भी करते हैं. इन चीजों के अलावा साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है. इसे पूजा की सामग्री में शामिल करना शुभ माना जाता है.
धनतेरस पर धनिया खरीदना क्यों है शुभ?
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के अनुसार, धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि धनिया धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है. इस दिन इसे खरीदने से घर में बरकत आती है और आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार भी धनिया को घर के लिए शुभ माना गया है. इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है. ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर धनिया खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है.
धनिया खरीदने के बाद क्या करें?
अखिलेश पांडेय ने बताया कि धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद सबसे पहले इसे मां लक्ष्मी की पूजा में अर्पित करना चाहिए. पूजा के बाद थोड़े से साबुत धनिया को साफ लाल या पीले कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी में रख दें. इसे उस जगह भी रख सकते हैं, जहां पैसे और गहने रखे जाते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में धन की बरकत बनी रहती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. इसके अलावा थोड़ा सा धनिया घर के आंगन या गमले में भी बो सकते हैं. मान्यता है कि जिस तरह धनिया का पौधा हरा-भरा होता है, उसी तरह घर में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है.

