बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'कर्मा' के सिनेमाघरों में 40 वर्ष पूरे होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक भावुक और प्रेरणादायक पोस्ट साझा किया है। इस विशेष अवसर पर उन्होंने अपने शुरुआती फिल्मी सफर के अनुभवों को ताजा करते हुए बताया कि कैसे इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने उनके अभिनय जीवन की दिशा ही बदल दी थी।
करियर का अहम मोड़ और कमर्शियल स्टारडम
वर्ष 1986 में रिलीज हुई फिल्म 'कर्मा' का निर्देशन जाने-माने फिल्मकार सुभाष घई ने किया था। इस मल्टीस्टारर फिल्म में दिलीप कुमार, नूतन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, नसीरुद्दीन शाह, श्रीदेवी, पूनम ढिल्लों और अनुपम खेर जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। अनुपम खेर ने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि जहां उनकी फिल्म 'सारांश' ने उन्हें एक मंझे हुए कलाकार के रूप में पहचान दिलाई थी, वहीं सुभाष घई की 'कर्मा' ने उन्हें मुख्यधारा के सिनेमा का एक बड़ा कमर्शियल स्टार बना दिया।
दिग्गज दिलीप कुमार के साथ काम करने का मिला सौभाग्य
अभिनेता ने पोस्ट में इस बात का विशेष जिक्र किया कि इस फिल्म से जुड़ा सबसे बड़ा और यादगार तोहफा महान अभिनेता दिलीप कुमार के साथ स्क्रीन साझा करना था। उन्होंने लिखा कि दिलीप साहब को इतने करीब से अभिनय करते देखना, उनकी खामोशी और उनके ठहराव से सीखना उनके लिए किसी सबसे बड़े पुरस्कार से कम नहीं था।
निर्देशक सुभाष घई का जताया आभार
अनुपम खेर ने फिल्म के निर्देशक सुभाष घई को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और पर्दे पर 'डॉ. डैंग' जैसा खतरनाक और यादगार खलनायक का किरदार सौंपा, जिसने उनके फिल्मी करियर को एक नई ऊंचाई दी। अंत में उन्होंने फिल्म की पूरी स्टार कास्ट और तकनीकी टीम को चार दशक पूरे होने पर बधाई देते हुए अपनी इस खूबसूरत यात्रा को जिंदगी भर का अमूल्य अनुभव बताया।

