उद्दव ठाकरे और एमवीए को एक औऱ बडा झटका लगा है.महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल द्वारा नामित बारह सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी है. महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर राज्यपाल ने यह फैसला किया है . इससे पहले एकनाथ शिंदे की सरकार ने राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से सभी बारह सदस्यों का मनोनयन रद्द करने की मांग की थी.
राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने तत्कालिन उद्दव ठाकरे सरकार की अनुशंसा पर 2020 में बारह सदस्यों का मनोनयन किया था जिसमें उद्दव ठाकरे का नाम भी शामिल था. राज्यपाल के आज के फैसले के बाद उद्दव ठाकरे भी महाराष्ट्र सदन के सदस्य नहीं रहेंगे.
उद्दव ठाकरे महाराष्ट्र के उच्च सदन के सदस्य थे और इसी सदस्यता की वजह से वे मुख्यमंत्री भी रहे. अब एकनाथ शिंदे सरकार ने राज्यपाल को कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही बारह नये नाम की अनुंशसा राज्यपाल से करेगी .
वैसे महाराष्ट्र में सरकार से बाहर आते ही उद्दव ठाकरे ने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर त्यागपत्र नहीं दिया था. एकनाथ शिंदे सरकार के इस कदम के साथ ही उद्दव समेत सभी बारह लोगों की सदस्यता खत्म हो गयी है.