ग्रेटर नोएडा। युवाओं को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत और उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल बनाने के उद्देश्य से एक सराहनीय कदम उठाया गया है। जिला सेवायोजन कार्यालय और देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने मिलकर जीएनआईओटी संस्थान में एक दिवसीय विशेष कौशल एवं रोजगार कार्यशाला का सफल आयोजन किया।
युवाओं को कॉर्पोरेट जगत के लिए तैयार करने की मुहिम
ग्रेटर नोएडा के जीएनआईओटी परिसर में शुक्रवार को युवाओं के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। जिला सेवायोजन कार्यालय और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा स्थानीय युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों से रूबरू कराना था। इस सत्र के माध्यम से छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि वे किस प्रकार खुद को आधुनिक बाजार के अनुकूल बना सकते हैं।
बदलते औद्योगिक परिदृश्य और नए रोजगार पर मंथन
इस एक दिवसीय कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलते वैश्विक और घरेलू बाजार के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल आज के समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है। विशेषज्ञों ने छात्रों को भविष्य में सामने आने वाले रोजगार के नए अवसरों को पहचानने और उन्हें भुनाने के प्रभावी तौर-तरीके सिखाए।
शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें क्षेत्र के कई नामचीन शिक्षण संस्थानों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में एनआईईटी, जीएल बजाज, द्रोणाचार्य, आईटीएस और लॉयड सहित जिले के 12 से अधिक प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि विशेष रूप से शामिल हुए। इन सभी ने युवाओं के कौशल विकास में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किए।
औद्योगिक दिग्गजों ने दिए कौशल आधारित भर्ती के गुरुमंत्र
शिक्षाविदों के साथ-साथ इस मंच पर विभिन्न उद्योगों के शीर्ष नेतृत्व ने भी अपनी बात रखी। कार्यशाला में आर्या फैशन्स, सिद्धि इन्फो नेट, राल्वो इंजीनियरिंग, मातंगी पालिमर्स, आईईए और आईबीए जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन उद्योग दिग्गजों ने मौजूदा दौर की भर्ती प्रक्रियाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि कंपनियां डिग्री से ज्यादा उम्मीदवार के हुनर और कौशल आधारित योग्यता को प्राथमिकता दे रही हैं।

