Wednesday, February 11, 2026

तुर्कमान गेट हिंसा केस में पांच आरोपियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली|दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने मंगलवार को तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सयेशा चड्ढा ने बुधवार शाम 4 बजे तक फैसला सुनाने की बात कही है।

क्या हुआ था?

पिछले हफ्ते 6-7 जनवरी की रात दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD ने रामलीला मैदान के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इसमें एक डायग्नोस्टिक सेंटर, वेंक्विट हॉल और कुछ दीवारें ध्वस्त हुईं, लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने बताया कि करीब 36,000 वर्ग फुट का अतिक्रमण साफ किया गया। हालांकि सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि मस्जिद तोड़ी जा रही है। इससे 200 के करीब लोग जमा हो गए और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें इलाके के SHO भी शामिल थे।

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पुलिस की दलील

अदालत में दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी पुलिस पर पत्थर फेंक रहे थे, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ। उन्होंने कोर्ट को वीडियो और मैसेज दिखाए, जो आरोपियों द्वारा उकसाने वाले बताए गए। पुलिस ने दावा किया कि कुछ धाराओं में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अभी भी कई लोग फरार हैं, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

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आरोपियों का पक्ष

आरोपियों के वकीलों ने कहा कि ये पांच लोग एक-दूसरे को जानते भी नहीं थे। उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड घटनास्थल पर मौजूदगी नहीं दिखाते। उन्होंने बताया कि इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और गिरफ्तारी सिर्फ डराने के लिए की गई है।

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अब तक की स्थिति

दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। 25-30 लोगों की पहचान हो चुकी है। जांच में CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और सोशल मीडिया के सबूतों की जांच जारी है। अदालत का फैसला कल शाम आने की उम्मीद है।

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