ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बिसरख क्षेत्र के पाई-1 ऐच्छर गांव में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा से जुड़े करोड़ों रुपये के बहुचर्चित वित्तीय घोटाले और हेराफेरी के मामले में बैंक प्रबंधन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। बैंक के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने जानकारी दी है कि इस गंभीर प्रकरण में शाखा में तैनात संपूर्ण मुख्य स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ अन्य कर्मचारियों का अन्यत्र तबादला कर दिया गया है। इस बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत एजेंसी ने बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से पिछले दो वर्षों के दौरान शाखा में पदस्थ रहे कार्मिकों का पूरा विवरण और बैंक खातों के लेन-देन का ब्योरा तलब किया है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले की विस्तृत जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सीबीआई जांच का आगाज और बैंक की ओर से धन वापसी का आश्वासन
पंजाब नेशनल बैंक की इस शाखा में हुए कथित वित्तीय फर्जीवाड़े की आग अब केंद्रीय एजेंसियों तक पहुँच चुकी है। सीबीआई ने गुरुवार से मामले की गहन पड़ताल आरंभ कर दी है। दूसरी तरफ, पीएनबी के दिल्ली-एनसीआर जोनल मैनेजर ने पीड़ित खाताधारकों को आश्वस्त करते हुए बड़ा दावा किया है कि बैंक अपने ग्राहकों का एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित रखेगा और किसी का भी धन नहीं डूबेगा। उन्होंने बताया कि जांच और कानूनी प्रक्रिया में कुछ समय अवश्य लग सकता है, परंतु बैंक सभी प्रभावित ग्राहकों को उनकी पाई-पाई वापस लौटाएगा। इसी कड़ी में वीरवार को तीन खाताधारकों की रकम उनके खातों में वापस भी जमा कराई गई है।
नोएडा एयरपोर्ट के मुआवजा धारक किसानों को निशाना बनाने की आशंका
पुलिस और जाँच एजेंसियों की शुरुआती छानबीन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस बड़े घोटाले के तहत मुख्य रूप से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए अपनी भूमि समर्पित करने वाले उन किसानों और भूस्वामियों को खासतौर पर निशाना बनाया गया है जिन्हें भारी-भरकम मुआवजा राशि प्राप्त हुई थी। आरोप लगाया जा रहा है कि खाताधारकों की रजामंदी या जानकारी के बिना उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और बचत खातों से भारी रकम अवैध रूप से निकाल ली गई। इतना ही नहीं, अब बैंक के लॉकर में ग्राहकों द्वारा रखे गए सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषण भी गायब होने की गंभीर शिकायतें सामने आने लगी हैं, जिससे पीड़ित खाताधारकों में भारी रोष व्याप्त है।
खाताधारकों का धरना-प्रदर्शन और बैंक अधिकारियों की भूमिगत गतिविधियां
इस बड़े खुलासे के बाद से लगातार दूसरे दिन भी बैंक परिसर में ग्राहकों का हुजूम उमड़ता रहा। लोग अपनी पासबुक की प्रविष्टि कराने, एफडी की मौजूदा स्थिति जानने और अपनी गाढ़ी कमाई सुरक्षित निकालने के लिए सुबह से ही बैंक के बाहर एकत्र हो गए। उचित और स्पष्ट संतोषजनक जवाब न मिलने पर आक्रोशित खाताधारकों ने किसान संगठनों के समर्थन में बैंक के बाहर ही जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित बनाए रखने के लिए बैंक के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तथा अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। उधर, नाम सामने आने के बाद से बैंक के पांच मुख्य अधिकारी भूमिगत बताए जा रहे हैं और गिरफ्तारी की तलवार लटकने के कारण वे अदालत से अग्रिम जमानत हासिल करने के कानूनी प्रयास कर रहे हैं।

