Sunday, June 28, 2026
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दिल्ली स्टेशन भगदड़ मामले में रेलवे बोर्ड ने 5 अधिकारियों को किया ट्रांसफर, डीआरएम भी शामिल

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Delhi station stampede
Delhi station stampede

Delhi station stampede : महाकुंभ के दौरान नई दिल्‍ली स्‍टेशन पर प्‍लेटफार्म पर हुई भगदड़ में रेलवे बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हो गए थे. मामले में डीआरएम सुखविंदर सिंह समेत समेत पांच अधिकारियों पर गाज गिरी है. इन सभी का ट्रांसफर कर दिया गया है. इनकी जगह नए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गयी है. हालांकि रेलवे अधिकारी इसे रूटीन ट्रांसफर बता रहे हैं.

Delhi station stampede जांच के बाद अधिकारियों पर गिरी गाज

15 फरवरी को नई दिल्ली के प्लेटफॉर्म नंबर 13-14 पर हुई भगदड़ मामले में उत्‍तर रेलवे के दिल्‍ली डिवीजन के डीआरएम सुखविंदर सिंह ट्रांसफर को ट्रांसफर कर दिया गया है और उनकी जगह पर पुष्पेश आर त्रिपाठी की तैनाती की गयी है. पुष्पेश त्रिपाठी  भी तक उत्‍तर मध्‍य रेलवे में तैनात थे. इसके अलावा एडीआरएम विक्रम सिंह राणा, सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (यात्री सेवाएं) आनंद मोहन, स्टेशन डायरेक्‍टर महेश यादव और आरपीएफ एएससी महेश चंद सैनी का ट्रांसफर किया गया है. इनकी नई पोस्टिंग की घोषणा अभी नहीं की गई है.

 बोर्ड के आदेश से हुए तीन ट्रांसफर

जिन अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ है इसमें तीन का ट्रांसफर बोर्ड के आदेश पर किया गया है, इसमें डीआरएम सुखविंदर सिंह, एडीआरएम विक्रम सिंह राणा और आरपीएफ एएससी महेश चंद सैनी शामिल हैं. इनका ट्रांसफर बोर्ड द्वारा जारी तीन अलग-अलग आदेशों के जरिए किया गया है. वहीं महेश यादव और आनंद मोहन का तबादला आदेश उत्तर रेलवे द्वारा किया गया है. दिल्‍ली डिवीजन के सीनियर डीसीएम आनंद मोहन की जगह निशांत नारायण को जिम्मेदारी सौंपी गई है. नई दिल्ली स्टेशन डायरेक्टर महेश यादव की जगह लक्ष्मीकांत बंसल को नियुक्त किया गया है.

रेलवे रूटीन ट्रांसफर बता रहा
हालांकि भारतीय रेलवे इसे रूटीन ट्रांसफर बताया  है. दिल्‍ली डीआरएम की तैनाती सामान्‍य तौर पर कम से कम दो साल की होती है, लेकिन इनका जल्‍दी ट्रांसफर हुआ है. इसलिए इसे भगदड़ के मामले में की गई कार्रवाई ही माना जा रहा है.

300 लोगों से पूछताछ

स्टेशन पर हुए भगदड़ मामले में रेलवे बोर्ड ने दो वरिष्‍ठ अधिकारियों की हाईलेवल कमेटी का गठन किया था. जांच कर रही टीम ने करीब 300 लोगों से पूछताछ की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं. कमेटी ने रजिस्‍टर तक की  भी जांच की है. कमेटी के अनुसार तकनीकी समेत सभी एंगल से जांच की गयी है.