नई दिल्ली | मालवीय नगर के 'फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट' (बीएंडबी) होटल में हुए भयानक अग्निकांड की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, होटल के मालिक लवकेश बजाज का एक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी उजागर हो गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लवकेश बजाज इसी साल जनवरी के महीने में दो बांग्लादेशी महिलाओं को अवैध रूप से भारतीय पहचान पत्र और कागजात मुहैया कराने के आरोप में जेल की हवा खा चुका है। वर्तमान में वह इस अग्निकांड से जुड़े मामले में चार दिनों की पुलिस कस्टडी में है, जबकि फरार चल रहे होटल प्रबंधक जय मिश्रा और अन्य स्टाफ की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट रैकेट से जुड़ाव
मध्य जिला पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि जनवरी 2025 में पहाड़गंज इलाके से दो बांग्लादेशी महिलाओं और एक नाबालिग को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पकड़ा गया था। जांच के दौरान उनके पास से फर्जी तरीके से तैयार किए गए भारतीय पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र बरामद हुए थे। पकड़ी गई महिला स्वीटी सरकार ने पासपोर्ट बनवाने के लिए छतरपुर एन्क्लेव के जिस मकान का पता दिया था, वह साकेत निवासी लवकेश बजाज का निकला। बजाज ने कुबूल किया था कि उसने मोटी रकम के बदले अपने पते का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद 19 जनवरी 2025 को उसे गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया था, जहां से 15 दिन बाद उसे जमानत मिली थी।
कर्मचारियों की धरपकड़ और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल
इस अग्निकांड की जांच में जुटी सरकारी एजेंसियां अब होटल के दैनिक संचालन, कागजी अनियमितताओं और आर्थिक लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं। फरार चल रहे होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश को दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें राजधानी सहित पड़ोसी राज्यों में दबिश दे रही हैं, जबकि एक टीम को बिहार भी भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पुराने पासपोर्ट फर्जीवाड़े और होटल की संदिग्ध गतिविधियों के बीच कोई आपसी साठगांठ तो नहीं थी।
चश्मदीदों के बयान और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण
जांच को पुख्ता करने के लिए पुलिस की टीमें हादसे के वक्त होटल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों, बचे हुए लोगों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के आधिकारिक बयान दर्ज कर रही हैं। इसके साथ ही, कानून प्रवर्तन अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ होटल की इमारत के नक्शे, फायर सेफ्टी के इंतजामों, आपातकालीन निकास द्वारों (एग्जिट गेट) की उपलब्धता और उन सभी संभावित कारणों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं जिनकी वजह से यह हादसा इतना विकराल हो गया।

