नई दिल्ली। देश की राजधानी में रहने वाले लोगों के लिए अब सड़कों की स्थिति जानना और उनकी शिकायत करना बेहद आसान होने जा रहा है। दिल्ली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जल्द ही एक अनोखी डिजिटल पहल शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत नई बनने वाली सड़कों पर क्यूआर कोड (QR Code) लगाए जाएंगे। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा पहले की गई घोषणा के बाद, पीडब्ल्यूडी ने इस विशेष सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इस योजना को 'नो योर रोड' (अपनी सड़क को जानिए) नाम दिया गया है, जिससे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
बिना किसी ऐप के मिलेगी सड़क की पूरी हिस्ट्री और इंजीनियरों की जानकारी
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता को इसके लिए अपने मोबाइल में कोई अलग से एप्लिकेशन (App) डाउनलोड नहीं करना पड़ेगा। सड़कों के किनारे लगे साइनबोर्ड पर ये क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। कोई भी नागरिक अपने स्मार्टफोन से इसे सीधे स्कैन करके सड़क निर्माण का इतिहास, उसे बनाने वाले ठेकेदार का नाम, संबंधित इंजीनियरों की जानकारी, काम की समय-सीमा और मेंटेनेंस (रखरखाव) से जुड़े सभी अपडेट्स तुरंत देख सकेगा।
खराब सड़क की शिकायत के लिए बनेगा ऑनलाइन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड
अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में जनता के पास सड़क के रखरखाव का रिकॉर्ड देखने या सीधे शिकायत दर्ज कराने का कोई पुख्ता माध्यम नहीं था। अब पीडब्ल्यूडी एक केंद्रीय पोर्टल विकसित कर रहा है। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही, शिकायतों के त्वरित निवारण और उनकी प्रगति पर नजर रखने के लिए एक 'ऑनलाइन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड' भी तैयार किया जाएगा, जो सीधे इस क्यूआर कोड सिस्टम से जुड़ा होगा।
पहले चरण में 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों को ऑनलाइन करने की तैयारी
इस महत्वाकांक्षी डिजिटल प्रोजेक्ट के तहत पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली लगभग 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों पर ऑनलाइन सर्विस विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस तकनीक के धरातल पर उतरने से लोक निर्माण विभाग के कार्यों में तेजी आएगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और सरकारी दावों की जमीनी हकीकत को कोई भी आसानी से परख सकेगा।
100 चुनिंदा जगहों से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
पीडब्ल्यूडी इस पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने जा रहा है। योजना के शुरुआती चरण में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिल्ली की 100 महत्वपूर्ण जगहों पर लॉन्च किया जाएगा। इन चुनिंदा स्थानों पर सिस्टम की सफलता, तकनीकी बारीकियों और जनता के फीडबैक का अध्ययन करने के बाद, इस क्यूआर कोड व्यवस्था को पूरी दिल्ली की सड़कों पर कड़ाई से लागू कर दिया जाएगा।

