दिल्ली में आज से डिजिटल जनगणना का आगाज़: RWA निभाएगी अहम भूमिका
राजधानी दिल्ली में आज से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो रही है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें तकनीकी आधुनिकता और जन-भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो नागरिकों को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) करने में सहायता प्रदान करेंगे।
1 से 15 मई तक लगेंगे विशेष कैंप
जनगणना का यह पहला चरण 1 मई से 15 मई तक चलेगा। इस दौरान हर वार्ड में 'स्व-गणना कैंप' लगाए जाएंगे, जहाँ लोग जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
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प्रशासनिक बैठक: उत्तर-पूर्वी जिले के जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में एसडीएम रीता कौशिक और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने इस प्रक्रिया को सफल बनाने की रणनीति तैयार की।
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सत्यापन: स्व-गणना के बाद सरकारी अधिकारी घर-घर जाकर डेटा की जांच करेंगे ताकि जानकारी की सटीकता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगा।
जनगणना में पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
इस डिजिटल प्रक्रिया के तहत कुल 33 सवाल निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
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मकान की जानकारी (7 सवाल): घर की बनावट, दीवारों और फर्श की सामग्री से संबंधित।
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परिवार का विवरण (8 सवाल): सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और कमरों की उपलब्धता।
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बुनियादी सुविधाएं (9 सवाल): पेयजल, बिजली कनेक्शन और रसोई ईंधन के प्रकार।
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डिजिटल एवं वाहन (9 सवाल): इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल उपकरण और वाहनों से जुड़ी जानकारी।
जागरूकता अभियान और गर्मी से राहत
लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए प्रशासन कई स्तरों पर काम कर रहा है:
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प्रचार-प्रसार: मोहल्लों में मुनादी (घोषणा) करवाई जाएगी और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में पीटीएम के दौरान अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
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दोपहर में काम पर ब्रेक: बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मानवीय निर्णय लिया है कि दोपहर के समय फील्ड विजिट या घर-घर जाने का काम नहीं किया जाएगा।

