दिल्ली बनी सिनेमा सिटी: फिल्म फेस्टिवल में सितारों का मेला

दिल्ली। लाइट्स, कैमरा और एक्शन के बीच दिल्ली पूरी तरह फिल्मी रंग में रंग गई है। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (आईएफएफडी) 2026 के भव्य आगाज के साथ राजधानी ने ग्लोबल फिल्म मैप पर जोरदार दस्तक दी है। भारत मंडपम में शुरू हुए महोत्सव में देश-विदेश की 125 से ज्यादा फिल्मों का प्रदर्शन, रेड कार्पेट, स्टार्स की मौजूदगी और सिनेमा पर गहन चर्चा, सब कुछ एक ही मंच पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली सरकार इसे दिल्ली को सिनेमा सिटी और वैश्विक फिल्म हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महोत्सव का उद्घाटन करते हुए दिल्ली को वैश्विक फिल्म हब बनाने के संकल्प को दोहराया है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ फिल्मों का उत्सव नहीं, बल्कि कहानियों, भावनाओं और संस्कृति को जोड़ने वाला मंच है। दिल्ली अब मुंबई, पुणे और गोवा जैसे बड़े फिल्म केंद्रों के साथ खड़ी होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उद्घाटन समारोह में रेड कार्पेट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस और गाला प्रीमियर के जरिये भारतीय सिनेमा की विविधता को शानदार तरीके से पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस फेस्टिवल को एक दीर्घकालिक सांस्कृतिक परियोजना के रूप में विकसित कर रही है, जिससे रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और नए फिल्मकारों को मंच मिलेगा। हर लेंस जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिला फिल्मकारों को भी विशेष अवसर दिया जा रहा है।

फिल्म सिरात की स्क्रीनिंग से आगाज

कई कलाकारों को सम्मानित भी किया गया और उद्घाटन फिल्म सिरात की स्क्रीनिंग हुई। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह महोत्सव फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देगा और युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। इस मौके पर फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें हेमा मालिनी, कंगना रनौत, शर्मिला टैगोर, विवेक ओबेरॉय, विक्की कौशल, अर्जुन कपूर, निमरत कौर और सिद्धांत चतुर्वेदी शामिल रहे।

फेस्टिवल की खासियत

125 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन
गाला प्रीमियर, मास्टरक्लास और इंडस्ट्री पैनल महत्वपू्र्ण
सिने इक्सचेंज फिल्म मार्केट और सिनेवर्स एक्सपो बिल्कुल नया
सांस्कृतिक संध्याएं और लाइव परफॉर्मेंस भी होंगे

सिनेमा और तकनीक का संगम

आईएफएफडी 2026 में जहां एक तरफ क्लासिक फिल्मों का जादू देखने को मिलेगा, वहीं दूसरी ओर एआई इन फिल्म मेकिंग जैसे विषयों पर चर्चा भी होगी। ‘शोले (रिस्टोर्ड)’ की खास स्क्रीनिंग भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

हर दिन कुछ खास

26 से 31 मार्च तक चलने वाले इस फेस्टिवल में हर दिन अलग-अलग फिल्में और सत्र आयोजित होंगे। मनोज बाजपेयी, अनुपम खेर और पीयूष मिश्रा जैसे कलाकारों के साथ विशेष संवाद सत्र रखे गए हैं।

दिल्ली के कई स्थानों पर स्क्रीनिंग

भारत मंडपम के अलावा दिल्ली के कई पीवीआर सिनेमाघरों, जैसे साकेत, वसंत कुंज, द्वारका और राजौरी गार्डन में भी फिल्में दिखाई जाएंगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर और विशेष स्क्रीनिंग का भी आयोजन होगा।
 

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