नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय समारोह के मद्देनजर देश की राजधानी दिल्ली, विशेषकर ऐतिहासिक लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद कर दी गई है। किसी भी संभावित खतरे से पूरी मुस्तैदी से निपटने और इस राष्ट्रीय पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण व सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्यापक 'बहुस्तरीय एंटी-टेरर रिस्पॉन्स प्लान' (आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रिया योजना) लागू किया है। इस समय पूरी राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
कानून और व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए दिल्ली में 25,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री) के जवानों को तैनात किया गया है। लाल किले के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े पहरे बिठाए गए हैं, जिसमें सुरक्षा निगरानी को पुख्ता करने के लिए 1,000 से ज्यादा आधुनिक सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक एआई-बेस्ड वीडियो एनालिटिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एंट्री पॉइंट्स पर कड़े सुरक्षा घेरे और मल्टी-लेयर चेकिंग
उत्तर जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP North) राजा बंथिया ने मीडिया से बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि पिछली तमाम घटनाओं और वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए हमने इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हमारी इस विस्तृत सुरक्षा योजना के तहत लाल किले के सभी प्रवेश बिंदुओं (एंट्री पॉइंट्स) और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में कई चरणों (मल्टी-लेयर) की सख्त चेकिंग और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या संभावित खतरे से तत्काल निपटने के लिए एक विशेष 'एंटी-टेरर रिस्पॉन्स सिस्टम' भी पूरी तरह एक्टिव मोड में तैयार रखा गया है।
1,000 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों से हो रही निगरानी
ऐतिहासिक लाल किले और उसके आसपास के पूरे परिसर को सुरक्षा की दृष्टि से एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा तंत्र को तकनीक के माध्यम से और अधिक मजबूत बनाने के लिए यहाँ 1,000 से अधिक उच्च-तकनीकी सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक वीडियो एनालिटिक्स तकनीक से पूरी तरह लैस हैं।
इन अत्याधुनिक कैमरों की मदद से विशाल भीड़भाड़ के बीच किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या अवांछित व्यक्ति की पहचान पलक झपकते ही हो जाएगी, जिससे सुरक्षा बलों और पुलिस को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत त्वरित कार्रवाई करने में बहुत आसानी होगी। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोई चूक या ढिलाई न रह जाए, इसके लिए विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर पहले ही कई बार संयुक्त 'मॉक ड्रिल' (पूर्वाभ्यास) भी कर ली है।
इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सभी सुरक्षा बलों और प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतरीन आपसी तालमेल तथा समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया गया है।

