AI तकनीक से मिलेगा लापता सामान का पता

दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर अब खोए हुए सामान के लिए किस्मत नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी काम करेगी। एयरपोर्ट प्रबंधन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा सिस्टम लागू करने जा रहा है, जो गुम बैगेज की तलाश को तेज, सटीक और लगभग रियल-टाइम बना देगा। औपचारिकताएं पूरी होते ही यह सुविधा शुरू होगी, जिससे यात्रियों की परेशानी कम होगी और एयरपोर्ट का संचालन और ज्यादा स्मार्ट व प्रभावी बनेगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने इस दिशा में निविदा प्रक्रिया भी जारी कर दी गई है। भविष्य में एयरपोर्ट प्रबंधन में एआई की भूमिका और बढ़ेगी। सुरक्षा जांच, भीड़ प्रबंधन और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में भी इसका व्यापक उपयोग किया जाएगा। अभी तक यदि किसी यात्री का सामान एयरपोर्ट पर खो जाता है या छूट जाता है, तो उसे शिकायत दर्ज कराने से लेकर सामान मिलने तक लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार समन्वय की कमी और जानकारी के अभाव में सामान मिलने में देरी हो जाती है और परेशान यात्री होता है। नया सिस्टम लागू होते ही यात्री जैसे ही अपने गुम सामान की शिकायत दर्ज करेगा, उसकी पूरी जानकारी तुरंत सिस्टम में दर्ज हो जाएगी। हीथ्रो एयरपोर्ट (लंदन),चांगी एयरपोर्ट (सिंगापुर) जैसे दुनिया के कई बड़े एयरपोर्ट पर पहले से स्मार्ट बैगेज ट्रैकिंग सिस्टम लागू है।

मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स से तेज होगी पहचान

सूत्रों के मुताबिक, यह स्मार्ट सिस्टम एयरपोर्ट पर मिले अनक्लेम्ड सामान के डेटाबेस से शिकायत का स्वतः मिलान करेगा। यदि कोई सामान मेल खाता है, तो संबंधित यात्री को तुरंत सूचना भेज दी जाएगी। यात्रियों को बार-बार एयरपोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

फोटो व ब्रांड से भी होगी पहचान

इस एआई टूल की सबसे खास बात यह है कि यह केवल लिखित जानकारी पर निर्भर नहीं रहेगा। यात्री अपने बैग की फोटो, रंग, ब्रांड या अन्य पहचान संबंधी विवरण अपलोड कर सकेंगे। सिस्टम इन सभी इनपुट्स के आधार पर सामान की पहचान करेगा।

एयरपोर्ट स्टाफ का काम भी होगा आसान

नई व्यवस्था से एयरपोर्ट स्टाफ को भी बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक कर्मचारियों को मैन्युअल तरीके से सामान की जांच और मिलान करना पड़ता है, जिसमें समय और मेहनत दोनों अधिक लगते हैं। एआई सिस्टम के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी हद तक स्वचालित हो जाएगी। यात्री अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकेंगे।

Latest news

Related news