नई दिल्ली। पति की मौत के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला को राहत देते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट की फैमिली कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर बहू के पास आय का कोई साधन नहीं है और उसके माता-पिता भी उसका खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं, तो परिस्थितियों के अनुसार ससुर को उसके भरण-पोषण की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पति की मौत के बाद मिले बीमा और सेवा लाभों की रकम पर अधिकार को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच कोर्ट ने महिला की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मामले में महिला के पति की मोटर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उसके ससुर को बीमा और सेवा लाभों के रूप में 21 लाख रुपये से अधिक की रकम मिली। महिला का दावा है कि इस राशि में उसका हिस्सा भी है, जो करीब 11 लाख रुपये बैठता है। वहीं, ससुर का कहना है कि रकम उन्हें नामित व्यक्ति होने के कारण मिली थी और इस पर अधिकार का फैसला अलग दीवानी मुकदमे में होना चाहिए। यह मामला जिला न्यायाधीश के समक्ष लंबित है।

