Prabhunath Singh को Supreme Court का बड़ा झटका, डबल मर्डर केस में आया फैसला?

कहते हैं कानून के घर में न्याय में देर है मगर अंधेर नहीं. कानून की नजर सबको बराबरी से देखती है फिर चाहे सामने कोई भी हो. अगर अपराध किया है तो सजा जरूर मिलेगी. सच्चे इंसाफ की मिसाल बनता एक और मामला सामने आया. जहां कभी लालू प्रसाद यादव के करीबी और RJD के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह Prabhu Nath Singh को सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने तगड़ा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने डबल मर्डर मामले में प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दे दिया है.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला 

दरअसल इस केस में निचली अदालत ने प्रभुनाथ सिंह Prabh Nath Singh  को पहले रिहा कर दिया था. इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने भी रिहाई को सही ठहराया था लेकिन जब मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंचा तो प्रभुनाथ सिंह को दोषी ठहराते हुए 1 सितंबर को कोर्ट में पेश रहने का आदेश दिया गया है. मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के डीजीपी और मुख्य सचिव को आदेश दिया कि 1 सितंबर को प्रभुनाथ को कोर्ट में पेश किया जाए. बता दें 1 सितंबर को प्रभुनाथ सिंह की सजा पर सुप्रीम कोर्ट में बहस होगी. फिलहाल प्रभुनाथ सिंह एक दूसरे मर्डर केस में हजारीबाग जेल में सजा काट रहे हैं.

कौन है प्रभुनाथ सिंह Prabhu Nath Singh ?

जानकारी के लिए बता दें प्रभुनाथ सिंह Prabhu Nath Singh बिहार की महाराजगंज लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे हैं. जिसमें प्रभुनाथ तीन बार जदयू और एक बार आरजेडी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं. प्रभुनाथ पर 1995 में मसरख के एक मतदान केंद्र के पास 47 साल के दारोगा राय और 18 साल के राजेंद्र राय की हत्या का आरोप है. जिसमें कहा गया कि दोनों ने प्रभुनाथ सिंह समर्थित उम्मीदवार को वोट नहीं किया था, इसी बात से नाराज हो कर प्रभुनाथ ने दोनों की हत्या कर दी.

क्या था मामला?

लंबी चली इस न्यायिक लड़ाई में मृतक के भाई की गवाहों को धमकाने की शिकायत के बाद इस केस को छपरा से पटना ट्रांसफर कर दिया गया. जहां इसका ट्रायल हुआ था. कोर्ट ने तब सबूतों के अभाव में प्रभुनाथ सिंह को बरी कर दिया था. जिसके बाद पटना हाईकोर्ट ने 2012 में निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए फैसले को बरकरार रखा. जिसके बाद न्याय मिलने की उम्मीद में मृतक राजेंद्र राय के भाई हरेंद्र ने दोनों फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जहां सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एएस ओक और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए प्रभुनाथ सिंह को दोषी पाया. इस पर फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. केस के बाकी आरोपियों की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया.

बता दें प्रभुनाथ सिंह इस समय 1995 के ही एक और मर्डर केस में सजा काट रहे हैं. मसरख के विधायक अशोक सिंह की 1995 में हत्या हो गई थी, जिन्होंने चुनाव में प्रभुनाथ सिंह को हराया था. चुनाव में हार के बाद हार का बदला लेने के इरादे से प्रभुनाथ सिंह ने कथित तौर पर तीन महीने के अंदर अशोक सिंह को मार देने की धमकी भी दी थी. जिसके बाद अशोक सिंह की हत्या उनके घर पर दिनदहाड़े कर दी गई. इस केस में 2017 में प्रभुनाथ सिंह को दोषी ठहराया गया था. राजनीति में प्रभुनाथ सिंह पहले आनंद मोहन के साथ थे लेकिन बाद में नीतीश कुमार के साथ आ गए. नीतीश से विवाद के बाद 2010 में प्रभुनाथ सिंह लालू यादव के साथ आ गए थे और उनके काफी करीबी भी माने जाते हैं.

Latest news

Related news