Sunday, June 16, 2024

अपराध नियंत्रण पर मुख्यमंत्री योगी सख़्त, अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई

लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अग्निशमन विभाग, सीबीसीआईडी और एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन की कार्यप्रणाली की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसियों को लंबित प्रकरणों की जांच समयबद्घ रूप से पूरी करते हुए प्रभावी अभियोजन सहित विभिन्न दिशा-निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि आपात परिस्थितियों में अग्निशमन विभाग का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. हमारे अग्निशमन दस्तों की सराहनीय भूमिका है. हमारी टीम को 24×7 अलर्ट मोड में रहना होगा. वर्तमान में प्रदेश के 299 तहसीलों में अग्निशमन केंद्र चल रहे हैं. जिन 68 तहसीलों में अग्निशमन केन्द्र नहीं हैं, वहां भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए केंद्र स्थापना कराई जाएगी. अग्निशमन विभाग में प्रशिक्षित  और योग्य कार्मिकों की तैनाती की जानी चाहिए. किसी भी केंद्र पर मानव संसाधन और उपकरणों का अभाव न हो. सभी श्रेणियों के जो भी पद रिक्त हों, उन पर चयन की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से पूरी की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों, बहुमंजिला इमारतों, अस्पतालों, होटलों की फ़ायर् ऑडिट कराई जाए. भवनों के एनओसी जारी करने के प्रकरण अनावश्यक लंबित न रखे जाएं. एक समय सीमा के भीतर परीक्षण करते हुए एनओसी जारी किए जाएं. मानक का कड़ाई से अनुपालन होना चाहिए.  फ़ायर सेफ्टी के लिए आम जन को जागरूक करना होगा. स्कूली पाठ्यक्रम में इस विषय को शामिल करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार आवश्यक है. तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग से कार्यवाही को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के प्रयास हों. इसे डायल 112 से इंटीग्रेट किया जाना जरूरी है. जांच व विवेचना के अभिलेखों व प्रक्रियाओं का डिजिटाइजेशन कराया जाए.

आर्थिक अपराध के बढ़ते प्रकरणों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया जाना आवश्यक है. हर इकाई में एसपीओ की नियुक्ति होनी चाहिए. इस सम्बंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर यथाशीघ्र प्रस्तुत करें.

उन्होंने कहा कि सीबीसीआईडी एक महत्वपूर्ण जांच इकाई है. इसे देश की बेहतरीन जांच एजेंसियों में स्थान दिलाने के लिए हमें आवश्यक सुधार करना होगा. सांगठनिक बदलाव हों या तकनीकी अपग्रेडेशन हर क्षेत्र में व्यापक सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाए.

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