खाते से निकले हजारों, हाथ में आए सिर्फ 500! बीजापुर में PM आवास योजना पर उठे सवाल

बीजापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी फर्जीवाड़ा: पंचायत सचिव पर वित्तीय हेराफेरी के गंभीर आरोप, जांच टीम गठित

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले से प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। प्रकरण भैरमगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत इतामपार के आश्रित गांव बोड़गा से जुड़ा हुआ है। यहां के निवासियों ने क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी से संपर्क कर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के क्रियान्वयन में हुई बड़े पैमाने की धांधली से अवगत कराया।

रिश्वत और राशि आहरण के संगीन आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में योजना के अंतर्गत 124 से अधिक मकान स्वीकृत हुए थे। पंचायत सचिव कोमल निषाद ने हितग्राहियों के बैंक खातों से पहली किस्त के 30 हजार रुपये तथा दूसरी किस्त के 55 हजार रुपये निकलवा लिए। ग्रामीणों को मकान बनाकर देने का आश्वासन देते हुए मात्र 500-500 रुपये थमा दिए गए। इसके बावजूद धरातल पर आज तक मकानों का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे से मुलाकात कर कड़े कदम उठाने की मांग की।

सात सदस्यीय जांच दल ने किया निरीक्षण

प्रकरण की जांच हेतु विधायक विक्रम मंडावी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच दल ने 3 सितंबर को ग्राम बोड़गा पहुंचकर प्रभावित हितग्राहियों से प्रत्यक्ष संवाद किया तथा स्वीकृत मकानों की जमीनी स्थिति का भौतिक सत्यापन किया।

गरीब आदिवासियों के अधिकारों का हनन: विधायक

क्षेत्रीय विधायक ने मौका-मुआयना करने के उपरांत कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील और संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां वर्षों बाद सरकारी योजनाएं पहुंच पा रही हैं। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में गरीब आदिवासियों के हक का पैसा हड़पना न केवल प्रशासनिक निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि घोर अन्याय है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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