Rajnandgaon Double Murder रायपुर/राजनंदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले से अंधविश्वास की बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है. जिले के चौथना गांव में डायन-बिहारी (witchcraft) के संदेह में एक ही परिवार के तीन लोगों ने मिलकर अपनी ही रिश्तेदार महिला और उसके जवान बेटे को मौत के घाट उतार दिया. इस खौफनाक वारदात में महिला की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है. हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
Rajnandgaon Double Murder:क्या है पूरा मामला ?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हेमंत कुमार सोनकर (36), उसका भाई सोनू सोनकर (34) और उनकी मां केशर सोनकर (55) के रूप में हुई है. पीड़ित पक्ष और आरोपी एक ही विस्तारित परिवार से ताल्लुक रखते हैं.
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी महिला केशर सोनकर को यह अंधविश्वास था कि उसकी सिहरन/रिश्तेदार कमला सोनकर जादू-टोना (डायन-बिहारी) करती है. केशर का मानना था कि परिवार में अक्सर होने वाली बीमारियां और परेशानियां इसी वजह से हैं. इसी रंजिश के चलते 9 अक्टूबर की रात को आरोपियों ने कमला और उसके 21 वर्षीय बेटे खुमेंद्र पर घर के अंदर ही धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
झाड़ियों में फेंका था बेटे का शव
हमले में मां कमला और बेटा खुमेंद्र दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
कमला का शव घर के वॉशरुम से बरामद किया गया.
उनके बेटे खुमेंद्र का शव गांव के पास जंगल से मिला.
मृतका की बेटी ममता इस हमले में गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है. मृतका अपने पति से अलग रह रही थी.
सबूत मिटाने की भी कोशिश
डबल मर्डर की इस वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की भी पूरी कोशिश की. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हमले के दौरान पहने गए अपने खून से रंगे कपड़े और हथियार (कुल्हाड़ी) का लकड़ी का हत्था जला दिया था.
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की कुल्हाड़ी, मोटरसाइकिल और जले हुए कपड़ों के अवशेष बरामद कर लिए हैं. मामले में आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने की धाराएं जोड़ी गई हैं. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के बाद बेटे के शव को जंगल तक कैसे और किस वाहन से ले जाया गया था.
कुछ दिन पहले रायपुर में भी सामने आया था ऐसा मामला
राजनंदगांव की यह घटना छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास के गहरे जड़ों को एक बार फिर उजागर करती है.कुछ दिन पहले ही रायपुर जिले के आरंग इलाके में भी एक बुजुर्ग दंपत्ति की इसी तरह संदेहास्पद परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने डायन प्रथा के शक के एंगल से जांच की थी.
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या पारिवारिक परेशानियों को चिकित्सीय या तार्किक कारणों से देखने के बजाय अंधविश्वास और ओझा-गुणी के चक्कर में इस तरह के जघन्य अपराध समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं.

