रायगढ़| रायगढ़ जिले के तमनार वन रेंज क्षेत्र में पिछले पंद्रह दिनों से भी अधिक समय से कुल 49 हाथियों का एक बड़ा दल दो अलग-अलग समूहों में लगातार विचरण कर रहा है। गत बुधवार की शाम को सामारूमा और अमलीडीह गाँवों के बीच अचानक हाथियों का यह पूरा दल मुख्य सड़क पर आ पहुँचा। इस दौरान दल का एक विशाल हाथी बीच सड़क पर ही आराम की मुद्रा में बैठ गया, जबकि अन्य हाथी उसके आसपास ही घूमते रहे। इस बात की सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग और सतर्क 'हाथी मित्र दल' के सदस्यों ने तुरंत मोर्चा सँभाला और एहतियात के तौर पर मार्ग के दोनों छोर पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया। जब सभी हाथी सुरक्षित वापस जंगल की तरफ लौट गए, उसके बाद ही यातायात सुचारू किया जा सका।
सड़क पर हाथियों के आने से बाधित हुआ रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य मार्ग
हाथियों के अचानक मुख्य सड़क पर आ जाने के कारण रायगढ़-घरघोड़ा-धरमजयगढ़ मार्ग पर काफी देर तक लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का यह दल पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से रोजाना शाम के वक्त सामारूमा सड़क के पास पहुँच रहा है। अमूमन शाम 5 बजे के बाद ये वन्यजीव एक घने जंगल से निकलकर दूसरे जंगल की ओर प्रस्थान करते हैं और इसी आवाजाही के दौरान कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर आ जाते हैं। बुधवार की शाम जब एक हाथी बीच सड़क पर ही बैठ गया, तो वन विभाग ने आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए दोनों तरफ से गाड़ियों का आवागमन रोक दिया। वनकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए हाथियों के जंगल में सुरक्षित प्रवेश करने के बाद ही राहगीरों को उस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी।
वन विभाग की टीम द्वारा रखी जा रही है लगातार कड़ी निगरानी
घरघोड़ा सबडिवीजन के एसडीओ आशुतोष मंडावा ने इस पूरी स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की विशेष टीम इन हाथियों के पूरे दल पर लगातार अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है। जैसे ही हाथियों के सड़क पार करने की सूचना मिलती है, वन अमला और हाथी मित्र दल के प्रशिक्षित सदस्य तुरंत दोनों तरफ से गाड़ियों को रुकवा देते हैं ताकि वन्यजीव और आम जनता दोनों सुरक्षित रहें। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को जो हाथी सड़क के बीचोंकुछ देर के लिए बैठ गया था, वह कुछ समय पश्चात बिना किसी व्यवधान के अपने पूरे दल के साथ वापस सुरक्षित जंगल की ओर प्रस्थान कर गया। विभाग द्वारा आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

