50 वर्षों से पिछड़े विकास को मिलेगी गति, बस्तर के लिए बन सकती है नई कार्ययोजना

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिनों के महत्वपूर्ण दौरे पर देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे हुए हैं। आगामी 11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में नीति आयोग द्वारा तय किए गए विभिन्न विकास मानकों पर गहन चर्चा होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार विशेष रूप से बस्तर अंचल के कायाकल्प और विकास की पूरी कार्ययोजना (रोडमैप) को देश के सामने रखेगी।

नीति आयोग की बैठक: बुनियादी ढांचे और सुदूर इलाकों पर फोकस

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक व्यापक प्रेजेंटेशन तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक, नीति आयोग के समक्ष बस्तर में चल रहे और भविष्य में होने वाले बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास की पूरी जानकारी साझा की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • नक्सल प्रभावित और दूरदराज के सुदूर क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना।

  • अंदरूनी गांवों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार।

  • बस्तर के आदिवासियों के लिए बेहतर शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना।

नक्सलवाद के कारण पिछड़े बस्तर को मिलेगी नई रफ्तार

विगत पांच दशकों (50 साल) से नक्सलवाद का दंश झेल रहे और विकास की दौड़ में पीछे छूट गए बस्तर को मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार नीति आयोग के सामने एक बड़ी परिकल्पना पेश करने जा रही है। इस प्रेजेंटेशन के जरिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग और रणनीतियों पर मुहर लगवाई जाएगी, जिससे बस्तर का तेजी से कायाकल्प हो सके।

आज दोपहर 3 बजे से एनडीए मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

नीति आयोग की बैठक से पहले, आज नई दिल्ली में एक और बड़ी सियासी हलचल होने जा रही है। लगातार देश की सेवा करने और एक लंबा कार्यकाल पूरा करने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एनडीए (NDA) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • समय: यह बैठक आज दोपहर 3:00 बजे से शुरू होगी, जिसमें भाजपा और सहयोगी दलों के सभी मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

  • एजेंडा: इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में चल रहे केंद्रीय प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को दिए गए बजट और तय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार होगी।

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