त्योहारी सीजन में मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई, गंदगी मिलने पर 4 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

रायपुर। त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां मिलने के दावों की उस वक्त पोल खुल गई जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने राजधानी के प्रमुख इलाकों में औचक छापेमारी की। नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान तेलीबांधा और पचपेड़ी नाका क्षेत्र की चार नामी-गिरामी दुकानों में भारी गंदगी और गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन सभी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

मिठाइयों पर रेंगते कीड़े और भारी गंदगी का आलम

जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तेलीबांधा स्थित दुकानों का निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। मिठाइयों पर मरे हुए कीड़े, बाल और कॉकरोच घूमते हुए पाए गए, जबकि चाशनी के बर्तनों पर फफूंद और मकड़ी के जाले जमे हुए थे। न्यू जनता स्वीट्स में दीवारों का पेंट उखड़ा हुआ मिला, फ्रीजर में पुरानी मिठाइयां ठूंसकर रखी गई थीं और कच्चा सामान खुले में होने के कारण उस पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। वहीं, 'मां अंबे स्वीट्स' और 'स्वीट हट एंड बेकरी' में भी स्थिति बेहद दयनीय मिली, जहां चमचम मिठाई में कीड़े चलते हुए पाए गए और परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी।

रायपुर ढाबा का किचन और संदिग्ध पनीर की जब्ती

जांच अभियान को आगे बढ़ाते हुए टीम जब पचपेड़ी नाका स्थित 'रायपुर ढाबा' पहुँची, तो वहां के किचन और बर्तन धोने वाले क्षेत्र में गंदगी का भारी अंबार मिला। इडली बनाने वाली मशीनें पूरी तरह टूटी-फूटी हालत में थीं और वहां रखा पनीर भी प्रथम दृष्टया बेहद संदिग्ध प्रतीत हो रहा था, जिसे टीम ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। ढाबे से लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध पनीर समेत कुल 150 किलोग्राम अस्वास्थ्यकर मिठाई और 10 किलो पनीर मौके पर ही नष्ट कराया गया।

सैंपल लैब भेजे गए और प्रतिष्ठानों पर तीन दिन का प्रतिबंध

अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेना मिठाई के कुल 12 नमूने (सैंपल) एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट चौदह दिनों के भीतर आने की संभावना है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत न्यायालय में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इन चारों प्रतिष्ठानों को कम से कम तीन दिनों तक पूरी तरह दुकान बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में उन्हें परिसर की गहन सफाई करनी होगी और अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी, अन्यथा निलंबन की कार्रवाई को और आगे बढ़ाया जाएगा।

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