सीएम विष्णुदेव साय बोले- जनता सिर्फ वादों नहीं, काम और परिणाम पर करती है फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्षी दल कांग्रेस की राजनीतिक नीतियों और उसके आंतरिक घटनाक्रमों को लेकर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री साय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व में जब वे पंजाब के प्रभारी बनाए गए थे, तब भी उन्हें भारी विरोध झेलना पड़ा था। अब पहली बार असम के प्रभार की ज़िम्मेदारी मिलने पर भी वहाँ उनका तीव्र विरोध देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर उसके संगठन में ऐसा क्यों हो रहा है और उसके वरिष्ठ नेताओं को अपनों के बीच ही विरोध का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

कथनी और करनी का अंतर तथा जनविश्वास का संकट

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के वादों और धरातल पर उसके आचरण में बड़ा अंतर है। पार्टी जनता से लुभावने वादे तो करती है, परंतु उन्हें पूरा करने में असमर्थ रहती है। यही वजह है कि आम जनता का भरोसा कांग्रेस से लगातार उठता जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भी विगत पाँच वर्षों के शासनकाल को प्रत्यक्ष देखा और तत्पश्चात अपना स्पष्ट एवं निर्णायक जनादेश दिया।

चुनावी जनादेश और जन-अस्वीकार्यता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले विधानसभा चुनावों में जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके उपरांत लोकसभा चुनावों के साथ-साथ नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी जनता ने उसे पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश व प्रदेश की जनता केवल हवाई वादों पर नहीं, अपितु ज़मीनी कार्यों और ठोस परिणामों के आधार पर ही अपना फैसला सुनाती है।

आंतरिक कलह और असंतोष पर सलाह

विपक्ष को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय कांग्रेस को स्वयं के भीतर झाँकने की आवश्यकता है। पार्टी को अपने संगठन की जर्जर स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वर्तमान में कांग्रेस के नेताओं में जो अंतर्कलह, आपसी असंतोष और विरोध के स्वर दिखाई दे रहे हैं, पार्टी नेतृत्व को सर्वप्रथम उनका समाधान खोजना चाहिए।

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