रायपुर|छत्तीसगढ़ में आबकारी नियमों में कई अहम संशोधन किए गए हैं. अब अगर थोड़ी सी भी गलती की तो 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. सरकार ने छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम 1995 में संशोधन करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई करने के और अधिकार दे दिए हैं. इससे शराब से जुड़े कारोबार और लाइसेंस लेने की प्रक्रिया और कड़ी हो गई है. सरकार ने ये फैसला शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए किया है|
दुकानों पर शराब की सप्लाई में देरी करने पर 5 लाख का जुर्माना
सरकार के संशोधित नियमों के बाद देशी मदिरा की दुकान पर शराब सप्लाई करने की लेटलतीफी पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब एक हजार से 5 लाख रुपये तक का जुर्मान लग सकता है. छोटे मामलों में यह जुर्माना 1 हजार से 10 हजार, वहीं बड़े मामलों में जुर्माने की राशि 50 हजार से 5 लाख रुपये तक होगी|
विशेष सचिव ने जारी की अधिसूचना
वाणिज्य आबकारी विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र भारद्वाज ने छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम 1995 में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. बताया जा रहा है कि सरकार के नियम में संशोधन करने के बाद अब राजस्व में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है|
बता दें कि इसके पहले सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 से एक और अहम बड़ा बदलाव किया था. सरकार ने शराब की बोतलों को कांच की जगह प्लास्टिक की बोतलें करने का फैसला लिया था. सरकार का कहना है कि प्लास्टिक की बोतलें होने से ट्रांसपोर्ट में सहायता मिलेगी और कास्ट भी कम पड़ेगी|

