कांकेर में बिजली विभाग की चर्चा तेज, मिठाई की जगह शराब बांटने का मामला आया सामने

कांकेर। देशभर में जहां एक ओर दीपावली का प्रकाश पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था और लोग एक-दूसरे को मिठाइयां व बधाइयां दे रहे थे, वहीं छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। आमतौर पर त्योहारों के अवसर पर सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के बीच मिठाइयां बांटे जाने की परंपरा होती है, किंतु कांकेर स्थित बिजली विभाग के दफ्तर में मिठाई के स्थान पर अंग्रेजी शराब बांटे जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है।

विद्युत कार्यालय में मिठाई की जगह शराब वितरण का विवाद

कांकेर स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता संभाग कार्यालय के भीतर दीपावली के मौके पर मिठाई के बजाय अंग्रेजी शराब बांटे जाने के इन गंभीर आरोपों ने एक नए और बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस के हस्तक्षेप और कार्रवाई के उपरांत विद्युत विभाग के कर्मचारियों तथा स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी तनातनी देखने को मिली, जिसके बाद इस प्रकरण ने तूल पकड़ लिया और राज्यभर में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई।

कांग्रेस नेताओं के आरोप और पुलिस की कार्रवाई

ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष लोमेश यादव ने खुलकर आरोप लगाया कि बिजली कार्यालय के भीतर दीपावली के पावन पर्व पर मिष्ठान के स्थान पर अंग्रेजी शराब का वितरण किया जा रहा था। इस बात की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर जा पहुंचा और तलाशी के दौरान कार्यालय से ब्लेंडर ब्रांड की अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें बरामद किए जाने की बात सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम के तहत पुलिस कार्यपालन अभियंता एस.के. किंडो को पूछताछ के वास्ते कोतवाली थाने लेकर आई, जिसकी खबर मिलते ही बिजली विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी भारी खलबली मच गई।

मामले की प्रशासनिक जांच और असमंजस की स्थिति

हालांकि प्रारंभिक पूछताछ के उपरांत कार्यपालन अभियंता एस.के. किंडो को थाने से छोड़ दिया गया, किंतु इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। फिलहाल आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि होना बाकी है कि दफ्तर के भीतर शराब की बोतलें किस उद्देश्य से और किसके द्वारा लाई गई थीं। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि इस प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है और जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही संपूर्ण सत्यता से पर्दा उठ सकेगा।

Latest news

Related news