चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए BLO बैठक, SIR की प्रगति रिपोर्ट पर नजर

रायपुर: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस महीने के आखिरी हफ्ते में छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर आ सकते हैं। प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक, उनका यह प्रवास 26 और 27 जुलाई को होने की संभावना जताई जा रही है। अपने इस दो दिवसीय दौरे के दौरान वे राज्य के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति व नतीजों की समीक्षा करेंगे। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का बस्तर संभाग का दौरा लगभग अंतिम माना जा रहा है, जबकि बिलासपुर संभाग को भी इस चुनावी समीक्षा कार्यक्रम में शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में मतदाता सूची की सत्यता और आगामी चुनावों की जमीनी तैयारियों का गहन आकलन करना है।

बूथ लेवल अधिकारियों के साथ होगी चुनावी तैयारियों पर महाबैठक

अपने इस रणनीतिक प्रवास के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार जमीनी स्तर पर काम करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने, नए पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने (पंजीकरण), अपात्रों व मृतकों के नाम हटाने और त्रुटियों में सुधार संबंधी कार्यों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, ग्रामीण और सुदूर अंचलों में फील्ड वर्क के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके त्वरित तकनीकी समाधानों पर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।

मिशन मोड में चले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के परिणामों का होगा आकलन

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट को पूरी तरह से पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने का कार्य पहले ही संपन्न किया जा चुका है। अब निर्वाचन आयोग का केंद्रीय दल इस अभियान के धरातल पर निकले परिणामों और इसकी प्रभावशीलता का अंतिम मूल्यांकन करेगा।

छत्तीसगढ़ में संचालित SIR अभियान की मुख्य उपलब्धियां व आंकड़े:

  • अभियान की अवधि: राज्य में इस विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को 'मिशन मोड' में की गई थी। लगभग चार महीनों तक चले इस सघन अभियान के बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया गया।

  • मतदाताओं का आंकड़ा: इस व्यापक शुद्धिकरण अभियान के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या बढ़कर 1.87 करोड़ से अधिक दर्ज की गई है।

  • फर्जी और अपात्र नाम हटाए गए: मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 25 लाख ऐसे नामों को सूची से बाहर कर दिया, जो अपात्र थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, या जो अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे अथवा जिनके नाम दोहरी प्रविष्टि (डबल नाम) में शामिल थे।

डिजिटल वेरिफिकेशन और घर-घर गणना अभियान से बनी पारदर्शी व्यवस्था

  • दस्तावेजों का घर-घर वितरण: निर्वाचन आयोग की ओर से पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश करते हुए राज्य के 2.12 करोड़ से अधिक नागरिकों तक सीधे घर-घर पहुंचकर प्री-फील्ड एन्यूमरेशन फॉर्म और घोषणा पत्रों का वितरण किया गया था। इस विशाल लोकतांत्रिक कवायद को सफल बनाने में लगभग 27,196 बूथ लेवल अधिकारी (BLO), 33 जिला निर्वाचन अधिकारी तथा करीब 38,846 बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने दिन-रात फील्ड में काम किया।

  • तकनीकी सत्यापन और नोटिस: सभी विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त हुए भौतिक गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन इलेक्शन पोर्टल पर अपलोड किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड पुरानी सूची से मेल नहीं खा रहा था, उन्हें बकायदा नोटिस जारी कर 13 मान्य पहचान दस्तावेजों के आधार पर भौतिक सत्यापन का एक निष्पक्ष अवसर दिया गया। इसके अलावा, स्थानांतरित और अनुपस्थित वोटर्स की सूचियों को भी पूरी तरह सार्वजनिक किया गया ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनावी तैयारियों को मिलेगी रफ्तार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह छत्तीसगढ़ दौरा भविष्य की लोकतांत्रिक और चुनावी तैयारियों के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। बीएलओ के साथ सीधे संवाद और एसआईआर (SIR) अभियान की इस कड़े स्तर की समीक्षा के माध्यम से केंद्रीय निर्वाचन आयोग राज्य में मतदाता सूची की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत करने तथा पूरी चुनावी मशीनरी को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

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