Yes Bank के लोन और एडवांसेज में 18% की बढ़ोतरी, डिपॉजिट भी 14% बढ़े

मुंबई। निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता 'यस बैंक' (Yes Bank) के शेयरों पर सोमवार, 6 जुलाई को बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। बैंक द्वारा साझा किए गए हालिया आंकड़ों के बाद इस शेयर में तेजी आने की मजबूत उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, यस बैंक ने शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के अपने प्रोविजनल बिजनेस अपडेट और तिमाही प्रदर्शन का लेखा-जोखा सार्वजनिक किया है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पहली तिमाही के दौरान यस बैंक के लोन और एडवांसेज में साल-दर-साल (YoY) आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद कुल एडवांस का आंकड़ा बढ़कर ₹2.85 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही, बैंक के कुल डिपॉजिट (जमा पूंजी) में भी 14.3% का उछाल देखा गया है, जो अब बढ़कर ₹3.15 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अगर तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें, तो जहां लोन और एडवांसेज में 4.3% की वृद्धि हुई है, वहीं कुल जमा में 1.1% की आंशिक कमी दर्ज की गई है।

कैसा रहा कासा (CASA) और अन्य बैंकिंग वित्तीय अनुपात?

यस बैंक के मुख्य प्रोविजनल वित्तीय आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • CASA डिपॉजिट: बैंक का करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट ₹1.03 लाख करोड़ रहा। यह साल-दर-साल आधार पर 14.3% की बढ़त दर्शाता है, हालांकि पिछली मार्च तिमाही के मुकाबले इसमें 7.8% की गिरावट आई है।

  • CASA रेश्यो: सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट (CDs) को मिलाकर बैंक का कासा अनुपात 32.7% रहा। यह पिछली जून 2025 तिमाही के (32.8%) के लगभग बराबर है, लेकिन मार्च 2026 तिमाही के (35.1%) के मुकाबले इसमें मामूली नरमी है।

  • क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो: 30 जून, 2026 तक बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात सुधरकर 90.5% हो गया है, जो मार्च 2026 के आखिर में 85.7% और पिछले साल इसी तिमाही में 87.4% दर्ज किया गया था।

  • लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR): कंसोलिडेटेड बेसिस पर बैंक का औसत तिमाही एलसीआर शानदार सुधार के साथ 138.5% पर पहुंच गया है, जो मार्च 2026 तिमाही में 119.0% और जून 2025 तिमाही में 135.8% था।

बड़ा फंड जुटाने की तैयारी: शेयरधारकों से ली जाएगी मंजूरी

कारोबार विस्तार और अपनी पूंजीगत स्थिति को और अधिक मजबूत करने के लिए यस बैंक ने एक बड़े फंड रेजिंग प्लान की भी घोषणा की है। बैंक एक या एक से अधिक चरणों में विभिन्न माध्यमों से कुल ₹16,000 करोड़ का फंड जुटाने की योजना बना रहा है:

  • इक्विटी सिक्योरिटीज के जरिए: पात्र माध्यमों से ₹7,500 करोड़ तक जुटाने का प्रस्ताव।

  • डेट सिक्योरिटीज (ऋण साधनों) के जरिए: ₹8,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने का प्रस्ताव।

यस बैंक के प्रबंधन के मुताबिक, इस फंड को घरेलू और विदेशी बाजारों में सभी आवश्यक परमिशन वाले तरीकों (जैसे QIP या बॉन्ड्स) से जुटाया जा सकता है। इस डेट इश्यू में भारतीय मुद्रा (INR) के साथ-साथ विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेटेड इंस्ट्रूमेंट भी शामिल हो सकते हैं। इस बड़े प्रस्ताव को आगामी 19 अगस्त, 2026 को होने वाली बैंक की 22वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों और संबंधित रेगुलेटर्स के सामने अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। पहली तिमाही के मजबूत प्रोविजनल आंकड़े बताते हैं कि बैंक अपनी एसेट क्वालिटी और क्रेडिट ग्रोथ को लेकर सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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