900 अंकों की रिकवरी से संभला Sensex, 4 बड़े कारणों से Nifty फिर 24,250 के पार

मुंबई। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई अनिश्चितता की खबरों से घबराए निवेशकों की बिकवाली के कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 24,000 के बेहद नाजुक स्तर तक लुढ़क गया। हालांकि, इस शुरुआती झटके के बाद घरेलू बाजार ने शानदार जुझारूपन दिखाया और निचले स्तरों से जबरदस्त वापसी करते हुए सेंसेक्स में 900 से अधिक अंकों का उछाल आया और निफ्टी भी 24,250 के पार निकल गया।

बाजार में तगड़ी रिकवरी

शुरुआती मंदी के बाद बाजार में निचले स्तरों पर चौतरफा लिवाली देखने को मिली, जिससे दोपहर के कारोबार तक सेंसेक्स 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,710.56 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 0.10 फीसदी के सुधार के साथ 24,230.70 अंकों पर कारोबार करता दिखा। व्यापक बाजार में भी सुधार का असर दिखा, जहां निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक अपनी आधे प्रतिशत से अधिक की शुरुआती गिरावट को पूरी तरह पाटकर लगभग स्थिर स्तर पर आ गए, जिसने निवेशकों को बड़ी राहत दी।

विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा

भारतीय बाजार को इस उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार मिल रहे समर्थन से काफी मजबूती मिल रही है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में हजारों करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और स्थिर मुद्रा के प्रति उनके बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई क्षेत्र के अन्य प्रमुख बाजारों में आई कमजोरी के बीच भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक ठिकाने के रूप में उभरा है।

आईटी सेक्टर ने संभाली कमान

जब सुबह के समय बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल था, तब सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा देने में सबसे अहम भूमिका निभाई। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टीसीएस के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने पूरे सेक्टर के सेंटिमेंट को बदल दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में आधे फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और इसके अधिकांश शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला, जिसने बाजार की गिरावट पर ब्रेक लगाने का काम किया।

अहम तकनीकी स्तर और कच्चे तेल का गणित

बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक बेहद मजबूत तकनीकी सपोर्ट जोन साबित हुआ है, जहां से बाजार ने तुरंत यू-टर्न ले लिया। विश्लेषकों के मुताबिक जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बनी हुई है, तब तक पश्चिम एशिया के तनाव का भारतीय बाजार पर कोई बहुत बड़ा या स्थायी नकारात्मक असर होने की आशंका नहीं है।

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