साइबर सिक्योरिटी कंपनी ईमुद्रा में सुरक्षा चूक, जानें डिजिटल लेन-देन पर क्या हो सकता है असर

नई दिल्ली। देश की प्रमुख डिजिटल ट्रस्ट और साइबर सुरक्षा समाधान प्रदान करने वाली संस्था 'ई-मुद्रा' से जुड़ा एक बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया है। डिजिटल सिग्नेचर और वेबसाइट सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने वाली इस सर्टिफाइंग अथॉरिटी द्वारा जारी आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों में गंभीर सुरक्षा कमियां पाई गईं। शोधकर्ताओं द्वारा इस तकनीकी खामी का खुलासा किए जाने के बाद टेक जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए गए।

तकनीकी खामी और संभावित सुरक्षा खतरा

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस तकनीकी चूक पर समय रहते ध्यान न दिया जाता, तो हैकर्स इन कमजोर कुंजियों का दुरुपयोग कर फर्जी सुरक्षा प्रमाण पत्र तैयार कर सकते थे। इसके माध्यम से किसी भी बैंक अथवा ई-कॉमर्स पोर्टल की हूबहू नकली वेबसाइट बनाकर उपभोक्ताओं का व्यक्तिगत एवं वित्तीय डाटा आसानी से चुराया जा सकता था। हालांकि, गूगल, एप्पल और मोजिला जैसी वैश्विक टेक कंपनियों ने तुरंत अपने वेब ब्राउजर्स को अपडेट कर इन प्रभावित प्रमाण पत्रों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे एक बड़ा साइबर खतरा समय रहते टल गया।

घरेलू सेवाओं पर असर और बाजार में हलचल

भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) और कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भारत में संचालित मुख्य डिजिटल सिग्नेचर और ई-साइन सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित तथा अप्रभावित हैं। इस घटनाक्रम के बाद ई-मुद्रा के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते कंपनी ने अपने वैश्विक वेबसाइट सुरक्षा प्रमाणपत्र कारोबार से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने आम इंटरनेट उपभोक्ताओं को अपने कंप्यूटर, स्मार्टफोन और ब्राउजर्स को हमेशा अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की सुरक्षा चेतावनी मिलने पर संबंधित वेबसाइट का उपयोग न करने की सलाह दी है।

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