मुंबई:देश के वित्तीय बाजार में एक नया इतिहास रचने की तैयारी पूरी हो चुकी है, जहां दिग्गज बैंकिंग समूह की एक प्रमुख इकाई अपना बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लेकर बाजार में उतर रही है. इस बड़े कदम से पहले ही कॉरपोरेट जगत और बड़े संस्थागत निवेशकों के बीच भारी हलचल देखी जा रही है. एसेट मैनेजमेंट के क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने बाजार में कदम रखने से ऐन पहले ही बड़े निवेशकों को आकर्षित कर एक बेहद मजबूत वित्तीय आधार तैयार कर लिया है, जो इसके प्रति निवेशकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है.
आईपीओ से पहले दिग्गज निवेशकों ने दांव लगाकर जुटाए 1,655 करोड़ रुपये
सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक की इस सहयोगी म्यूचुअल फंड इकाई ने अपने आगामी आईपीओ के आधिकारिक रूप से खुलने से पहले ही प्री-आईपीओ राउंड में जबरदस्त कामयाबी हासिल की है. बाजार की बड़ी बीमा कंपनियों और प्रमुख घरेलू वित्तीय फंडों सहित करीब तीस बड़े संस्थागत निवेशकों ने कंपनी में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाते हुए कुल 1,655 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश कर दिया है. देश की इस शीर्ष परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि इसके लिए बकायदा शेयर खरीद समझौते संपन्न हो चुके हैं, जिसके तहत कंपनी की करीब 1.42 प्रतिशत की इक्विटी हिस्सेदारी को ट्रांसफर किया जा रहा है.
ऊपरी प्राइस बैंड पर हुई ब्लॉक डील, रिकॉर्ड वित्तीय लक्ष्य हासिल करने की तैयारी
वित्तीय नियामक को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्री-आईपीओ ट्रांजैक्शन के लिए शेयरों का मूल्यांकन 574 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के स्तर पर तय किया गया है, जो कि आगामी सार्वजनिक निर्गम के अधिकतम मूल्य के बिल्कुल बराबर है. कंपनी ने इस बड़े इश्यू के लिए 545 रुपये से लेकर 574 रुपये प्रति शेयर का एक दायरा तय किया है. इस बड़े सार्वजनिक निर्गम के जरिए कुल मिलाकर 11,692 करोड़ रुपये जुटाने का एक विशाल लक्ष्य रखा गया है, जो चालू वर्ष के दौरान भारतीय शेयर बाजार में आने वाला अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आईपीओ साबित होने जा रहा है.
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित इश्यू, खुदरा निवेशकों के लिए लॉट साइज तय
इस बार बाजार में आ रहा यह मेगा आईपीओ पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (ओएफएस) के प्रारूप में डिजाइन किया गया है, जिसका सीधा मतलब यह है कि इसके तहत कोई भी नया इक्विटी शेयर जारी नहीं किया जा रहा है. कंपनी के कुछ वर्तमान शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी को बाजार में बेचकर बाहर निकल रहे हैं, जिससे इस पूरी प्रक्रिया से मिलने वाली रकम सीधे उन हिस्सेदारों के पास जाएगी और कंपनी के खजाने में कोई नई पूंजी नहीं जुड़ेगी. आम और छोटे निवेशकों की सहभागिता के लिए न्यूनतम 26 शेयरों का एक लॉट निर्धारित किया गया है, जिसके चलते ऊपरी स्तर के मूल्य के आधार पर प्रत्येक खुदरा आवेदन के लिए न्यूनतम 14,924 रुपये की पूंजी निवेश करना आवश्यक होगा.
सप्ताह के मध्य में खुलेगी बोलियां, स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली तीसरी सहयोगी इकाई
समय सारणी के अनुसार, बड़े एंकर निवेशकों के लिए यह खिड़की आगामी 13 जुलाई को ही खोल दी जाएगी, जबकि आम जनता और खुदरा निवेशकों के लिए बोलियां लगाने की प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू होकर 16 जुलाई तक चालू रहेगी. इसके तुरंत बाद सफल आवेदकों को शेयरों का आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू होगी और महीने के उत्तरार्ध यानी 21 जुलाई तक कंपनी के शेयरों की घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर औपचारिक लिस्टिंग होने की प्रबल संभावना है. भारतीय स्टेट बैंक के समूह की बात करें तो अपनी लाइफ इंश्योरेंस और कार्ड्स इकाई की शानदार सफलताओं के बाद शेयर बाजार के मंच पर सूचीबद्ध होने वाली यह इसकी तीसरी सबसे बड़ी सब्सिडियरी कंपनी बनने जा रही है.

