Muthoot Finance Share Price: Q1 रिजल्ट के बाद भारी सेलिंग, शेयर 11% तक लुढ़का; जेफरीज ने रेटिंग और टारगेट घटाया

मुंबई। देश की प्रमुख गोल्ड लोन एनबीएफसी कंपनी मुथूट फाइनेंस के शेयरधारकों के लिए 3 अगस्त का दिन भारी निराशा लेकर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान पिछले बंद भाव की तुलना में 11 प्रतिशत तक टूटकर 3,120.10 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए। कंपनी द्वारा चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद से ही शेयरों पर बिकवाली का जबरदस्त दबाव देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़कर 2,825 करोड़ रुपये रहा और परिचालन से राजस्व भी 34.4 प्रतिशत बढ़कर 8,671.60 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन तिमाही दर तिमाही आधार पर मुनाफे में आई गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया। इस दौरान कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 43 फीसदी की बढ़त के साथ 1,91,532 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने घटाई रेटिंग और टारगेट प्राइस, शुद्ध ब्याज मार्जिन में बड़ी गिरावट की जताई चिंता

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने मुथूट फाइनेंस के शेयर पर अपना रुख नकारात्मक कर दिया है। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने स्टॉक की रेटिंग को घटाकर 'होल्ड' श्रेणी में डाल दिया है और टारगेट प्राइस को कम करके 3,300 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का विश्लेषण है कि कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा उम्मीदों से लगभग 18 प्रतिशत कम रहा है। प्रतिस्पर्धा में वृद्धि, ब्याज दरों के पुनर्गठन और यील्ड नॉर्मलाइजेशन के चलते शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जेफरीज ने आगामी वित्त वर्षों के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमानों में 7 से 8 प्रतिशत तक की कटौती की है, जिससे निवेशकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ी आक्रामक प्रतिस्पर्धा, मार्जिन और स्प्रेड पर लगातार दबाव की चेतावनी

मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि गोल्ड लोन उद्योग में नई कंपनियों और बैंकों के प्रवेश से आक्रामक प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू हो गया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और बर्नस्टीन जैसी शोध संस्थाओं के अनुसार नए ग्राहकों को जोड़ने की इस होड़ से मुथूट फाइनेंस की प्राइसिंग क्षमता, स्प्रेड और मार्जिन पर आने वाले समय में भी दबाव बना रहेगा। हालांकि कंपनी की एसेट क्वालिटी अब तक स्थिर बनी हुई है, लेकिन बाजार हिस्सेदारी बचाने और मुनाफा बनाए रखने के बीच संतुलन साधना कंपनी प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। CLSA ने स्टॉक के लिए 4,000 रुपये और बर्नस्टीन ने 4,500 रुपये का लक्ष्य रखा है, जबकि अधिकांश विश्लेषक फिलहाल तटस्थ रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

चालू वर्ष में 25 फीसदी तक कमजोर हुआ शेयर, प्रमोटर्स के पास बनी हुई है 73 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी

10 रुपये की फेस वैल्यू वाला यह शेयर बीएसई 200 इंडेक्स का एक प्रमुख घटक है। इस ताजा गिरावट के बाद वर्ष 2026 में अब तक मुथूट फाइनेंस के शेयरों में लगभग 25 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया जा चुका है। शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 4,149 रुपये और निचला स्तर 2,478 रुपये रहा है। नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार जून 2026 की तिमाही के अंत तक कंपनी के प्रमोटर्स के पास 73.35 प्रतिशत की मजबूत हिस्सेदारी बरकरार है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी तिमाहियों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कंपनी के मार्जिन में सुधार के संकेतों के बाद ही शेयर में फिर से तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

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