ITR की डेडलाइन छूट गई? इस आसान तरीके से अब भी पा सकते हैं TDS रिफंड

नई दिल्ली: क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि किसी साल का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख निकल गई और आपका टीडीएस (TDS) फंसा रह गया? ऐसे में ज्यादातर नौकरीपेशा और आम टैक्सपेयर्स को यही लगता है कि जो पैसा एडवांस टैक्स के रूप में कट चुका है, वह अब हमेशा के लिए डूब गया।

लेकिन राहत की बात यह है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर समय सीमा खत्म हो चुकी है, तब भी आप अपना टीडीएस रिफंड वापस पा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको सही कानूनी रास्ता पता होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि बिना उलझन के आप अपना पैसा कैसे वापस निकाल सकते हैं।

अपडेटेड ITR (U-ITR) की गलती न करें

अक्सर लोग सलाह देते हैं कि अगर पुरानी डेडलाइन छूट गई है, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(8A) के तहत 'अपडेटेड आईटीआर' भर दें। नियम कहता है कि आप पिछले चार सालों का अपडेटेड रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसमें एक बड़ा पेंच है। नियम के मुताबिक, आप अपडेटेड आईटीआर सिर्फ तब भर सकते हैं जब आपको अतिरिक्त टैक्स देना हो। अगर आपको सरकार से रिफंड (Refund) लेना है या आपकी टैक्स देनदारी शून्य है, तो आप अपडेटेड आईटीआर दाखिल नहीं कर सकते।

इसके साथ ही, पिछले साल का टीडीएस आप नए वित्तीय वर्ष के रिटर्न में भी क्लेम नहीं कर सकते। हर साल के टीडीएस का हिसाब उसी साल के रिटर्न में देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

धारा 119(2)(b): फंसा हुआ पैसा निकालने की 'जादुई चाबी'

जब सामान्य रिटर्न की तारीख निकल जाए और अपडेटेड आईटीआर भी काम न आए, तब काम आती है इनकम टैक्स कानून की धारा 119(2)(b)

यह धारा सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) को यह विशेष अधिकार देती है कि वह उन टैक्सपेयर्स की मदद करे जो किसी ठोस वजह से समय पर अपना रिटर्न नहीं भर पाए थे। सीबीडीटी के हालिया नियमों के अनुसार, अगर आपके पास देरी से रिटर्न भरने का कोई वाजिब कारण है, तो आप 'कॉन्डोनशेन ऑफ डिले' (देरी के लिए माफी) की अर्जी लगा सकते हैं।

अर्जी मंजूर होने की दो मुख्य शर्तें:

  1. ठोस और वास्तविक कारण: आपको टैक्स विभाग को संतुष्ट करना होगा कि आप किसी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या किसी बड़े संकट के कारण समय पर आईटीआर नहीं भर पाए थे।

  2. आर्थिक नुकसान की बात: आपको यह साबित करना होगा कि अगर विभाग ने आपको रिफंड की अनुमति नहीं दी, तो आपको भारी वित्तीय नुकसान या कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

स्टेप-बाय-स्टेप समझें: कैसे आएगा आपका रिफंड?

अगर आप इस प्रक्रिया के तहत अपना टीडीएस वापस पाना चाहते हैं, तो आपको इन चरणों का पालन करना होगा:

  • माफी की अर्जी दें: सबसे पहले आपको धारा 119(2)(b) के तहत संबंधित इनकम टैक्स कमिश्नर या अथॉरिटी के पास देरी के लिए माफी की ऑनलाइन एप्लीकेशन सबमिट करनी होगी।

  • आदेश (Order) का इंतजार करें: टैक्स अधिकारी आपकी एप्लीकेशन और दिए गए कारणों की जांच करेंगे। अगर वे आपकी बात से संतुष्ट होते हैं, तो देरी को माफ करने का एक ऑफिशियल ऑर्डर पास कर देंगे।

  • रिटर्न फाइल करें: माफी का आदेश मिलने के बाद, आप इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर उस आदेश का रेफरेंस नंबर दर्ज करेंगे और अपना पुराना पेंडिंग आईटीआर फाइल कर सकेंगे। इसके बाद आपका रिफंड सीधे आपके खाते में प्रोसेस हो जाएगा।

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