IRFC शेयरों में लगातार पांचवें दिन गिरावट, लेकिन बचा अहम सपोर्ट लेवल

मुंबई। भारतीय रेलवे की समर्पित वित्तीय शाखा और दिग्गज नवरत्न कंपनी, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) के शेयरों में पिछले कुछ समय से बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है। इस तेज गिरावट के कारण शेयर ने अपने दो महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल तोड़ दिए हैं। हालांकि, निचले स्तर पर सक्रिय हुई खरीदारी के चलते शेयर थोड़ा संभलता हुआ नजर आया और अपने तीसरे मुख्य सपोर्ट स्तर के बेहद करीब पहुंचकर स्थिर हो गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब से सरकार का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) बाजार में आया है, तब से इस स्टॉक पर मंदी का साया मंडरा रहा है। फिलहाल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर कंपनी का शेयर मामूली रिकवरी के साथ सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान यह करीब डेढ़ फीसदी से ज्यादा टूटकर निचले स्तरों पर आ गया था।

ऑफर फॉर सेल के कारण शेयर की कीमतों पर क्यों बना दबाव

आईआरएफसी के शेयरों में लगातार कई दिनों से बिकवाली का दौर बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्रों की बात करें तो कुछेक मौकों पर आई मामूली बढ़त को छोड़कर अधिकांश दिन शेयर लाल निशान में ही बंद हुआ है। विशेष रूप से जिस दिन इस हिस्सेदारी बिक्री का प्रस्ताव बाजार में खुला था, उसी दिन शेयर छह फीसदी से ज्यादा का गोता लगाकर बंद हुआ। इसकी मुख्य वजह यह थी कि सरकार ने इस ओएफएस के लिए प्रति शेयर 91 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया था, जिससे बाजार भाव पर दबाव आया। अगले ही दिन जब यह इश्यू खुदरा (रिटेल) निवेशकों के लिए खुला, तो बाजार में शेयर टूटकर लगभग फ्लोर प्राइस के बिल्कुल नजदीक पहुंच गया। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए बाजार में करीब 26.1 करोड़ नए शेयरों की भारी सप्लाई आ गई, जिसने कीमतों को नीचे धकेल दिया।

तकनीकी चार्ट पर आईआरएफसी के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर

बाजार के तकनीकी विश्लेषकों और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आईआरएफसी के शेयर के लिए जो शुरुआती सुरक्षा चक्र बने हुए थे, वे अब टूट चुके हैं। शेयर का पहला बड़ा सपोर्ट स्तर 89.5 रुपये पर और दूसरा सपोर्ट स्तर 89.1 रुपये पर था, जिन्हें पार करते हुए शेयर नीचे आ गया। अब बाजार की नजरें इसके तीसरे सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल 88.5 रुपये पर टिकी हुई हैं, जो फिलहाल इसे और गिरने से रोक रहा है। दूसरी ओर, यदि बाजार में दोबारा तेजी लौटती है और शेयर ऊपर की तरफ रुख करता है, तो इसे आगे बढ़ने के लिए क्रमशः 90.5 रुपये, 91.0 रुपये और फिर 91.4 रुपये के मजबूत रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) स्तरों को पार करना होगा।

शेयर बाजार में लिस्टिंग से लेकर अब तक का सफर

घरेलू शेयर बाजार में इस दिग्गज सरकारी कंपनी की शुरुआत जनवरी 2021 में हुई थी, जब इसके 4,633 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत निवेशकों को 26 रुपये के भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे। लिस्टिंग के बाद शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच करीब 14 महीने बाद जून 2022 में यह शेयर अपने सर्वकालिक निचले स्तर 19.30 रुपये पर पहुंच गया था। इस गिरावट के बाद स्टॉक ने ऐसी धमाकेदार वापसी की कि जुलाई 2024 तक यह दौड़ता हुआ 229.05 रुपये के अपने ऐतिहासिक शिखर पर जा पहुंचा। हालांकि, इस उच्चतम स्तर को छूने के बाद शेयर में फिर से बड़ी गिरावट आई और यह अपने ऑल-टाइम हाई से आधे से भी काफी नीचे आ चुका है।

पिछले एक साल के दौरान शेयर की चाल और उतार-चढ़ाव

अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो जुलाई 2025 के दौरान यह शेयर अपने एक साल के उच्च स्तर 139.35 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहां से बाजार के बदलते मिजाज और बिकवाली के चलते इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई, और मात्र आठ महीनों के भीतर यह करीब 37 फीसदी से ज्यादा फिसलकर मार्च 2026 के अंत में अपने एक साल के सबसे न्यूनतम स्तर 87.05 रुपये तक आ गया था। वर्तमान में शेयर अपने इसी सालाना निचले स्तर के आसपास ही संघर्ष करता हुआ दिखाई दे रहा है, और निवेशक अब इसमें स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं।

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