Sunday, February 22, 2026

WPI: महंगाई का झटका, आलू-प्याज की कीमतों में हुआ उछाल, इतने बढ़े भाव

WPI (Wholesale price index): लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी को महंगाई का झटका लगा है. सरकार की ओर से जारी थोक के आकड़ो में इसका पता चला है. थोक महंगाई दर (WPI-Wholesale price index) मार्च महीने में मामूली रूप से बढ़कर 0.5 प्रतिशत हो गई है. यह बाईट महीने 0.2 प्रतिशत थी. सरकार की तरफ से सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए. वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को आंकड़े जारी किए थे उनके अनुसार थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रफीति सालाना आधार पर मार्च में बढ़कर 0.53 प्रतिशत हो गई.

आपको बता दें कि थोक प्याज़ की कीमत फरवरी में 29.22 प्रतिशत बढ़ी थीं जो कि मार्च में 56.99 प्रतिशत तक बढ़ गई थी. भारत की अगली खरीफ फसल की कतई तक प्याज की आपूर्ति में बड़ी कमी हो सकती है. इस बीच आलू के थोक मूल्य सूचकांक मार्च में 52.96 प्रतिशत बढे थे जबकि फरवरी में इसमें 15.34 प्रतिशत की बढ़त हुई थी. आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले मार्च महीने में प्याज की थोक कीमतों में 36.83 प्रतिशत और आलू में 25.59 प्रतिशत कम हुई थी.

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बिजली की थोक और ईंधन की कीमतों में देखी गई कमी

वहीं मार्च 2024 के महीने के लिए थोक महंगाई दर (WPI-Wholesale price index) सूचकांक में महीने-दर-महीने का बदलाव फरवरी 2024 की तुलना में 0.40 प्रतिशत रहा है. थोक खाद्य मुद्रास्फीति (Whole Food Inflation) फरवरी में सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत बढ़ने के बाद मार्च में 4.7 प्रतिशत तक बढ़ गई.

आपको बता दें कि मार्च 2024 में मुद्रास्फीति (Inflation) की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य प्रदार्थों, बिजली, प्राकृतिक गैस, कच्चे पेट्रोलियम और अन्य विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि की वजह है. कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र की थोक मुद्रास्फीति मार्च में 4.87 प्रतिशत बढ़ी जबकि पिछले साल इस महीने में इसमें 1.19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. वहीं ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति (Inflation) मार्च में शून्य से 0.77 प्रतिशत कम हुई.

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