Friday, February 27, 2026

Anand Mohan:डीएम कृष्णैया हत्या मामले में उम्रकैद काट चुके आनंद मोहन और अन्य 26 कैदी आज हो सकते हैं रिहा..देखिये पूरी लिस्ट

पटना :  5 दिसंबर 1994 को गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया को पीट पीट कर मौत की घाट उतार देने वाले पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) को आज उम्र कैद की सजा से मुक्त कऱ किसी भी समय हमेशा के लिए जेल से रिहा किया जा सकता है.

बिहार सरकार ने जेल नियम में किया संशोधन

बिहार सरकार ने कारा कानून में संशोधन करके आनंद मोहन (Anand Mohan) की रिहाई सुनिश्चि की है. आपको बता दें कि आनंद मोहन अपनी बेटी की शादी के लिए 4 नवंबर को  15 दिन के पैरोल पर जेल से बाहर आये थे और तब से बाहर ही हैं. अब केवल औपचारिक रुप से उनकी रिहाई होनी बाकी है.

ANAND MOHAN NITISH KUAMR TOGETHER
 

आनंंद मोहन के साथ 26 अन्य कैदियों की होगी रिहाई 

आनंद मोहन (Anand Mohan) के साथ साथ 26 अन्य कैदियों को जेल से रिहाई मिलेगी. बिहार सरकार ने इसी महीने की 10 तारीख को कारा कानून में संशोधन किया, जिसके मुताबिक कारावास के दौरान जेल में अच्छा व्यवहार रखने के कारण उन्हें सजा से मुक्त किया गया है.

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आपको बता दें कि आरजेडी से जुड़े नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) के साथ साथ जिन और 26 कैदियो को छोड़ने का प्लान है उसमें 15 से अधिक कैदी लोक सेवकों  की हत्या के जुर्म में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं.वहीं कुछ कैदी ऐसे हैं जो 20 साल या उम्र कैद की सजा काट चुके हैं और कोर्ट ने उन्हें रिहा करने के आदेश दिये हैं.

आनंद मोहन (Anand Mohan) के साथ जिन 26 कैदियों को छोड़ा जा रहा है उनके नाम है:- 

1,कलक्टर पासवान उर्फ घुरफेकन – मंडल कारा, आरा
2.किशुनदेव राय – मुक्त कारागार, बक्सर
3.सुरेंद्र शर्मा – केंद्रीय कारा, गया
3.देवनंदन नोनिया – केंद्रीय कारा, गया
5.रामप्रवेश सिंह – केंद्रीय कारा, गया
6.विजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह – केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर
7.रामाधार राम – मुक्त कारागार, बक्सर
8.दस्तगीर खान – मंडल कारा, अररिया
9.पप्पू सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह – केंद्रीय कारा, मोतिहारी
10.अशोक यादव – मंडल कारा, लखीसराय
11.शिवजी यादव – आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर
12.किरथ यादव – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
13.राजबल्लभ यादव उर्फ बिजली यादव – मुक्त कारागार, बक्सर
14.अलाउद्दीन अंसारी – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
15.मो. हलीम अंसारी – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
16.अख्तर अंसारी – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
17.मो. खुदबुद्दीन – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
17.सिकंदर महतो – मंडल कारा, कटिहार
19.अवधेश मंडल – विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर
20.पतिराम राय – मुक्त कारागार, बक्सर
21.हृदय नारायण शर्मा उर्फ बबुन शर्मा – केंद्रीय कारा, गया
22.मनोज प्रसाद – आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर
23.पंचा उर्फ पंचानंद पासवान – केंद्रीय कारा, भागलपुर
24जितेंद्र सिंह – मुक्त कारागार, बक्सर
25.चंदेश्वरी यादव – केंद्रीय कारा, भागलपुर
26.खेलावन यादव – मंडल कारा, बिहारशरीफ
ये सभी कैदी हत्या जैसे अपराध में कम से कम 20 साल की सजा काट चुके हैं.  नीतीश सरकार ने इन अपराधियों की रिहाई के लिए आदेश पर हस्ताक्षर कर दिये हैं.

नीतीश सरकार ने आनंद मोहन समेत 27 कैदियों को जेल से रिहा करने के लिए जब से रास्ता साफ किया है, तब से इस फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है. नीतीश सरकार के इस फैसले का IAS एसोसिसियेशन ने विरोध करते हुए कहा है कि जेल नियमावली के मौजूदा वर्गीकरण में संशोधन करना, जो कि एक लोक सेवक के सजायाफ्ता हत्यारे को रिहा करने की ओर ले जाता है, न्याय से दूर करने के समान है. वहीं विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सरकार के फैसले को दुर्भाग्यापूर्ण बताया है. बीजेपी ने सरकार पर अपराधियों के संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है .बिहार में नीतीश सरकार के इस फैसले के खिलाफ घमासान मचा है, इसके बावजूद नीतीश सरकार का अपने फैसले पर फिलहाल पुनर्विचार का कोई इरादा नहीं है.इसलिए आज किसी भी समय बिहार के अलग अलग जेलों से इन सभी कदियों को सजा मुक्त कर जेल से रिहा किया जा सकता है.

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