Haryana Rajya Sabha Election : हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए 16 मार्च को वोट डाला जायेगा लेकिन वोटिंग से ठीक दो दिन पहले कांग्रेस पार्टी हरियाणा से अपने सभी विधायकों को लेकर शिमला रवाना हो गई है. शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रदेश के नेता विपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा के घर पर एक विधायकों के साथ बैठक हुई, इसके बाद पांच विधायकों को छोड़ कर बाकी विधायक टूरिस्ट बसों में बिठाकर हिमाचल प्रदेश रवाना कर दिया गया.
#WATCH | Chandigarh: Congress MLAs being taken to Himachal Pradesh ahead of the Haryana Rajya Sabha elections. pic.twitter.com/uWuh9eFRYW
— ANI (@ANI) March 13, 2026
Haryana Rajya Sabha Election से पहले विधायक भेजे गये शिमला
इन विधायकों को अचानक शिमला भेजे जाने के सवाल पर नेता आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं लेकिन शिमला इसलिए भेजा जा रहा है क्योंकि वहां विधायकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया है. विधायकों को बताया जायेगा कि राज्यसभा के लिए वोटिंग कैसे करनी होती है. पार्टी के सभी विधायकों को 16 मार्च को ही वापस लाया जायेगा.ये विधायक चंडीगढ़ आकर सीधे विधानसभा में वोटिंग करेंगे .
हरियाणा में कौन-कौन है राज्यसभा उम्मीदवार ?
मार्च में हरियाणा विधानसभा में 2 सीटें खाली हो रही है . दोनों सीटें बीजेपी के सदस्यों के हटने की वजह से खाली हो रहे हैं. ये दोनों सीटें बीजेपी राज्यसभा सांसदों किरण चौधरी और राम चन्दर जांगड़ा का कार्यकाल खत्म होने के बाद खाली हुई हैं.
बीजेपी ने दो और कांग्रेस ने एक को बनाया अपना उम्मीदवार
बीजेपी ने संजय भाटिया और कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा है. ये सीटें बीजेपी के राज्यसभा सांसदों किरण चौधरी और राम चन्दर जांगड़ा का कार्यकाल खत्म होने के कारण खाली हुई हैं. वहीं बीजेपी नेता सतीश नांदल निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. दो सीटों के लिए तीन सदस्यों के मैदान में होने के कारण मुकाबला दिलचस्प हो गया है. तीन उम्मीदवार के मैदान में होने की वजह से मुकाबला कड़ा हो गया है.
कौन हैं बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया?
संजय भाटिया राष्ट्रीय स्वयं सेवल संघ से जुड़े हैं और इन्हें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है. इनके पास संगठनात्मक राजनीति का लंबा अनुभव भी है. संजय भाटिया पहले भाजपा के राज्य महासचिव भी रह चुके हैं. संजय भाटिया संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति, सांसदों के वेतन और भत्तों की संयुक्त समिति और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.
कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस ने हरियाणा के दलित वोट बैंक को साधते हुए कर्मवीर सिंह बौद्ध को पहली बार मैदान में उतारा है. कर्मवीर सिंह बौद्ध राज्य सिविल सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद से रिटायर्ड हैं.
सतीश नांदल कितने मजबूत उम्मीदवार?
बीजेपी मे रहे सतीश नांदल पहले इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के नेता रह चुके हैं और वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं.उन्होंने 2009, 2014 और 2019 में हुड्डा के खिलाफ गढ़ी सांपला-किलोई से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गये थे.अब नांदल एक बार फिर से राज्यसभा के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
चुनाव जीतने केलिए कितने वोटों की जरुरत है ?
हरियाणा विधायसभा में 90 सदस्यो हैं. इस सदन से चुनाल जीतने के लिए एक सदस्य को 31 वोटों की जरुरत होगी. वर्तमान में हरियाणा विधानसभा में बीजेपी के बास पास तीन निर्दलीयों विधाययको के साथ 48 विधायकों का समर्थन हासिल है, वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं. ऐसे में सतीश नांदल के निर्दलीय मैदान में उतरने से चुनाव और दिलचस्प हो गया है.

