Tuesday, January 13, 2026

Gyanvapi परिसर में सर्वे का दूसरा दिन, आज सर्वे में मुस्लिम पक्ष भी शामिल

वाराणसी   ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi )में ASI का सर्वे आज दूसरे दिन भी जारी है. सुबह 9 बजे से सर्वे का काम शुरु हो गया है. आज सर्वे में खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट से अपने पक्ष में फैसला ना आने के बाद मुस्लिम पक्ष भी सर्वे में शामिल हुआ हैं. अब दोनों पक्षों के मौजूदगी में एएसआई ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi )का वैज्ञानिक सर्वे कर रहा है. इस बीच एएसआई ने सर्वे के लिए अतिरिक्त  4 समय मांगा जिसे मान लिया गया है. ASI ने पहले दिन के सर्वे के बाद कहा कि काफी काम है.

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Gyanvapi परिसर में जांच टीम कैसे कर रही है काम ?

इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार से ज्ञानवापी परिसर में एक बार फिर से सर्वे का कम शुरु किया गया. सर्वे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं.दो टीमें परिसर में बने मस्जिद के पश्चिमी दीवार की जांच कर रही है वहीं एक टीम पूर्वी और एक टीम उत्तरी दीवार की जांच में लगी है.पहले दिन  ASI ने वैज्ञानिक तकनीक से  पता लगाने की कोशिश की कि यहां मौजूद दीवारें ठोस है या इनके नीचे कोई खोखलापन या तहखाना है. जीपीआर मशीन के जरिये ASI जानकारी जमा कर रही है.पहले दिन अदालत के आदेश के  बाद एएसआई  की टीम बिना किसी औजार के अंदर गई.

Gyanvapi परिसर में पहले दिन की जांच में क्या मिला ?

पहले दिन ASI ने 7 घंटे तक काम किया. टीम का सबसे अधिक घ्यान पश्चिमी दीवार की तऱफ रहा .सर्वे टीम ने यहां मौजूद आकृतियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की.यहां एक खास बात ये नजर आई कि यहां दीवार के बीच एक  एक दरवाजे को पत्थरों से बंद किया गया है. ASI टीम ये पता लगा रही है कि इस दरवाजे के पत्थर दूसरे दरवाजों से मेल खाते हैं या नहीं. पूर्वी दीवार पर भी एक दरवाजा ऐसे ही बंद मिला है,जिसकी जांच चल रही है. वजूखाने के आसपास भी वीडियोग्राफी की गई.

मस्जिद पक्ष की ओर से किसी के मौजूद ना रहने के कारण तहखाने और गुंबद के अंदर मौजूद कमरे में सर्वे टीम नहीं जा सकी. मुस्लिम पक्ष के ना रहने के कारण तहखाने की चाबी नहीं मिली .

Gyanvapi परिसर की पश्चिमी दीवार

इस परिसर में मौजूद श्रृंगार गौरी मंदिर की ओर मौजूद पश्चिमी दीवार बेहद महत्वपूर्ण है. यहां हिंदु मंदिरों में पाये जाने वाली कई आकृतियां पाई गई हैं. जैसे हाथी के सूड,स्वास्तिक, कमल के फूल,कलशफूल आदि. मंदिर पक्ष के मुताबिक पश्चिमी दीवार की तऱफ ही मां ऋंगार गौरी का मुख्य प्रवेश द्वार है.

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