Waqf Board JPC : वक्फ संशोधन विधेयक को बिल के रुप में मंजूरी देने से पहले चल ही संसदीय दल की बैठक में इस विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है. जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली संयुक्त संसदीय दल (JPC ) की सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विधेयक में 44 संसोधनों पर चर्चा की गई. एनडीए के सासंदों की तरफ से जो भी संशोधन दिये गये, उन्हें मान लिया गया है, वहीं विपक्ष की तरफ से आये संशोधन खारिज कर दिये गये .
Waqf Board JPC : एनडीए सदस्यीय द्वारा दिये गये सभी 14 संशोधन पारित
बैठक के बारे में समिति की अगुवाई कर रहे बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि NDA सांसदों की तरफ से 14 संशोधन पेश किये गये, जिसे स्वीकार कर लिया गया, जबकि विपक्ष की तरफ से जो भी संसोधन आये वो अस्वीकर हो गये.
इस समिति की एक सांसद अपराजिता सारंगी ने बताया कि – समिति की बैठक की पूरी कार्यवाही लोकतांत्रिक तरीके से हुई. अध्यक्ष ने सभी को बोलने और अपनी बात रखने का अवसर दिया. एनडीए के सदस्यों ने 16 खंडों के संबंध में 24 संशोधन पेश किए, चूंकि वो लोग ( विपक्ष) 10 सदस्य थे और हम 16 थे. ऐसे में जाहिर था कि उनके द्वारा दिये गये प्रस्तावित संशोधन परी तरह से सामने नहीं आ पाये और गिर गया. हमारे द्वारा (NDA) पेश किए गए सभी संशोधनों को स्वीकृति मिली. अब इस संशोधित बिल विधेयक को सदस्यों के बीच बांटा जायेगा.
अपराजिता सारंगी ने बताया कि 29 जनवरी को एक बार फिर से बैय़ठक होगी जिसमें विधेयक को अपनाने पर चर्चा होगी.
किस संशोधन पर रहा सबसे अधिक विवाद
बैठक के दौरान समिति की तरफ से प्रस्तावित प्रमुख संशोधन ये था कि ‘वक्फ बाय यूजर’ के आधार पर जो मौजूदा वक्फ की संपत्तियां हैं , उनपर सवाल नहीं उठाए जा सकते.
समिति की बैठक में आज हुई वोटिंग में सत्तारूढ़ सरकार की ओर से 16 सांसदों ने वोटिंग की वहीं विपक्ष के केवल 10 सदस्यों ने विरोध में वोटिंग किया. विपक्ष के द्वारा क्लॉज 44 लेकर आपत्ति जताई गई थी जिसे खारिज कर दिया गया.
जेपीसी के मुताबिक इस मसौदा रिपोर्ट को 28 जनवरी को सभी को सर्कुलेट किया जाएगा. जबकि 29 जनवरी को इसे बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर अडॉप्ट कर लिया जायेगा.
हमें बोलने नहीं दिया- कल्याण बैनर्जी , टीएमसी
आपराजिता सारंगी के उलट टीएमसी सांसद कल्याण बैनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया. कल्याण बैनर्जी ने कहा कि इन्होंने (सत्ता पक्ष) वही किया, जो इन्होंने पहले से तय कर रखा था. बैठक में किसी भी तरह के नियम या प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. समाजवादी पार्टी ने भी सत्तारुढ दल पर प्रक्रिया का पलन ना करने का आरोप लगाया है.
#WATCH | After the meeting of the JPC on Waqf (Amendment) Bill, 2024, one of its members – SP MP Mohibbullah Nadvi says, “This is a joke with the minority of the country, with the Waqf Board. Constitution has been bulldozed…This makes it seem that the Bill that was brought in… pic.twitter.com/AKTthyFjsC
— ANI (@ANI) January 27, 2025
वक्फ विधेयक पर क्या है विवाद
केंद्र सरकार ने 8 अगस्त को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया था लेकिन विपक्ष के भारी विरोध के बाद इस विधेयक को संयुक्त संसदीय जांच समिति (JPC) का गठन किया गया. विपक्ष का कहना है कि सरकार के संशोधित प्रस्ताव मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है. वहीं सरकार का मानना है कि इस संशोधन से वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आयेगी और वो अपने लोगों के लिए और अधिक जवाबदेह हो पायेंगे.

