Uttarkashi News:उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को उत्तरकाशी में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त सड़क अभियान पूरा करने को कहा।
बैठक में जिला योजना, राज्य वित्त, 25 सूत्रीय कार्यक्रम और केंद्र पोषित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने वाली डिजिटल पहल ‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र की हिमालयी नदियों के संरक्षण, धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, पर्यटन और महिला आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
Uttarkashi News:‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक का विमोचन,अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने जिले में चल रही विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया.उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के तहत हुए कार्यों और खर्च की स्थिति की जानकारी ली.
इस अवसर पर ‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक जारी की गई.इस डिजिटल पहल में जनपद में क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी समाहित की गई है.इसका उद्देश्य जिले की विकास योजनाओं से संबंधित जानकारी को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है.
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं.उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और विभागीय कामकाज में तेजी लाने को कहा.
15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने का अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक में सड़कों की स्थिति सुधारने का मुद्दा प्रमुखता से उठा.मुख्य सचिव ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लोक निर्माण विभाग (PWD), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और स्थानीय नगर निकायों को 15 अक्टूबर 2026 तक सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि सड़कों पर सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करें. विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के निर्देश भी दिए गए.
मुख्य सचिव ने अंतर-विभागीय समन्वय के जरिए लंबित मामलों का शीघ्र समाधान निकालने पर जोर दिया. उनका कहना था कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से धरातल पर जाकर स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए.
चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कूड़े के उचित निस्तारण के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा.
उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन स्थानीय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं. मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को इस दिशा में समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए.
हिमालयी नदियों के संरक्षण के लिए 3.26 करोड़ की परियोजना
बैठक के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र की हिमालयी नदियों के संरक्षण से जुड़ी ‘प्रारंभ’ परियोजना का भी उद्घाटन किया गया. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और उत्तराखंड राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और व्यय की मंजूरी दी गई है.
करीब 3.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस जिला स्तरीय मॉडल का उद्देश्य नदियों और जलीय संसाधनों का संरक्षण करना तथा जैव विविधता से जुड़ी प्राकृतिक विरासत के प्रबंधन को बढ़ावा देना है.
परियोजना का नाम ‘प्रारंभ—नदी, जलीय संसाधनों का संरक्षण और जैव विविधता विरासत प्रबंधन’ रखा गया है. इसके जरिए हिमालयी नदी क्षेत्रों में संरक्षण संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की पहल की गई है.
पॉलीहाउस और जायका परियोजना की धीमी प्रगति पर चिंता
मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने पॉलीहाउस निर्माण और जायका परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले धीमी प्रगति पर सुधार लाने के निर्देश दिए.
मुख्य विकास अधिकारी को उद्यान विभाग की योजनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया. इसके साथ ही जिला सैनिक कल्याण विभाग के तहत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम हो सके.
पूर्व सैनिकों, पर्यटन और नेटवर्क की समस्याएं भी उठीं
जिलास्तरीय समीक्षा बैठक से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सिविल सोसायटी, भूतपूर्व सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों के पेंशनर्स, होटल एसोसिएशन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया.
इस दौरान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन, रोजगार और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए. प्रमुख समस्याओं में वीबी-जी रामजी योजना के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में परेशानी, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण, सड़क और मोबाइल नेटवर्क की दिक्कतें शामिल रहीं.
पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों में उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन की मांग भी रखी गई. इसके अलावा नेलांग-जादुंग जाने के लिए परमिट की एकल खिड़की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का विषय भी उठाया गया.
मुख्य सचिव ने प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि विभिन्न संगठनों से संवाद के जरिए क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलती है. उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया.
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि अधिकांश समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है. शेष मांगों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है. संबंधित विभागों के माध्यम से उचित मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
स्मार्ट कंट्रोल रूम की निगरानी व्यवस्था का लिया जायजा
मुख्य सचिव ने जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया. यहां उन्होंने सीसीटीवी नेटवर्क, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था की जानकारी ली.
जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में संचालित निगरानी प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए.
ग्रामीण महिलाओं के पर्यटन रोजगार को बढ़ावा
मुख्य सचिव ने भटवाड़ी विकासखंड के गणेशपुर में होलिस्टिक टूरिज्म पहल के तहत संचालित ‘वूमेन हिल्स ट्रैक एडवेंचर’ का भी अवलोकन किया. उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से बातचीत कर पर्यटन गतिविधियों से जुड़ने के बाद उनके अनुभवों की जानकारी ली.
इस पहल के तहत महिलाओं को ट्रेकिंग, गाइडिंग, कुकिंग और कैंपिंग का प्रशिक्षण देकर पर्यटन क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है मुख्य सचिव ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय आजीविका से जुड़ी इस पहल के बारे में जानकारी ली.
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भटवाड़ी ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

