US-IRAN Tension : मध्यपूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए दावा किया है कि यदि अमेरिका या उनके खिलाफ किसी भी तरह की जानलेवा कार्रवाई की गई, तो ईरान पर 1000 मिसाइलें दागी जाएंगी. उन्होंने कहा कि इसके बाद हजारों और मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं और अमेरिकी सेना लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि अमेरिकी सेना को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और जरूरत पड़ने पर एक साल तक लगातार सैन्य कार्रवाई की जा सकती है . ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है.
US-IRAN Tension:ईरान ने बातचीत से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की वार्ता से इनकार कर दिया है. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक बातचीत संभव नहीं है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका पर समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि युद्धविराम को स्थायी बनाने की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं.
युद्धविराम के बाद फिर बढ़ा तनाव
पिछले दिनों संघर्ष के दौरान होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़े. इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आईं. दोनों पक्षों की ओर से लगातार तीखे बयान भी दिए जा रहे हैं.
ट्रंप बोले- युद्ध फिर कभी भी शुरू हो सकता है
ट्रंप ने अपने बयान में संकेत दिया कि मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं और किसी भी समय सैन्य संघर्ष दोबारा शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और किसी भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं हटेगी.
हालांकि, इन दावों और युद्ध से जुड़े कई घटनाक्रमों की स्वतंत्र पुष्टि सभी पक्षों से नहीं हो सकी है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार नजर बनाए हुए है.

