Punjab Assembly : पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में अपनी सरकार और मंत्रिमंडल के प्रति विश्वास प्रस्ताव पेश किया. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. सदन को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा, “आजकल अफवाहों का बाजार गर्म है और हमारे विधायकों को लेकर तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं. इसीलिए हम यह विश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं.” अब सत्ता पक्ष के विधायक इस पर चर्चा करेंगे.
Punjab Assembly:कांग्रेस की ‘अल्कोहल टेस्ट’ की मांग पर चीमा का पलटवार
कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान का ‘अल्कोहल टेस्ट’ कराने की मांग पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. चीमा ने इसे एक गहरी साजिश बताते हुए कहा, “कुछ दिन पहले ही सीएम की जमीन की हदबंदी की गई थी. कांग्रेस पार्टी केवल हमारे मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए इस तरह के षड्यंत्र रच रही है.”
हरभजन सिंह की सुरक्षा पर बोले वित्त मंत्री
पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा अपनी सुरक्षा हटाए जाने के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर भी सरकार ने रुख स्पष्ट किया. हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “हाई कोर्ट जाने का अधिकार हर नागरिक को है. हमारी सरकार जो भी कदम उठाती है, वह पूरी तरह से संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाता है.”
राजा वड़िंग का आरोप: “BJP और राघव चड्ढा के बीच चल रहा है खेल”
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस विशेष सत्र को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि यह सत्र मजदूरों के मुद्दों के बहाने केवल विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बुलाया गया है. वड़िंग ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “BJP, राघव चड्ढा और संदीप पाठक के जरिए कई विधायकों के लगातार संपर्क में है. हो सकता है कि अंदर ही अंदर कुछ गड़बड़ चल रही हो.” उन्होंने मजदूरों की न्यूनतम दिहाड़ी ₹700 करने की भी मांग की.
बेअदबी कानून पर 6 मई से मान की ‘धन्यवाद यात्रा’
मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 से 9 मई तक पंजाब में ‘धन्यवाद यात्रा’ निकालेंगे. यह यात्रा “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अमेंडमेंट बिल” के कानून बनने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है. इस दौरान सीएम मान अमृतसर, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाकर मत्था टेकेंगे और जनता का आभार जताएंगे.
सदन में भिड़े सीएम मान और सुखपाल खैरा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बीच तीखी बहस देखने को मिली. विवाद तब शुरू हुआ जब स्पीकर कुलतार सिंह संधवान वेतन संशोधन का प्रस्ताव पढ़ रहे थे और सीएम मान ने खैरा पर सदन के भीतर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. मान की इस आपत्ति के बाद सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा.

