NEET पेपर लीक विवाद के बीच UP Police भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला,सॉल्वर गैंग की खैर नहीं,सीधे होगी उम्रकैद और संपत्ति कुर्क!

UP Constable Recruitment Exam लखनऊ : देशभर में नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर मचे भारी बवाल के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार आगामी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं में लगी सेंधमारी से सबक लेते हुए, यूपी सरकार इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम कर रही है जिसे भेद पाना मुन्नाभाइयों और सॉल्वर गैंग के लिए नामुमकिन होगा।

उत्तर प्रदेश में 32,679 आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की तारीखों का ऐलान हो गया है। यह महा-परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए कुल 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

UP Constable Recruitment Exam: NEET पेपर लीक से सबक,सॉल्वर बने तो भुगतनी होगी उम्रकैद

जहाँ एक तरफ नीट परीक्षा में धांधली को लेकर देशभर के युवाओं में आक्रोश है, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने ‘सॉल्वर गैंग’ को कड़ा संदेश दे दिया है. बोर्ड ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने या सॉल्वर बनने पर सीधे संपत्ति कुर्क की जाएगी.

इस बार परीक्षा ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024’ के नए और बेहद कड़े प्रविधानों के तहत कराई जा रही है.जिसके तहत

  • पहली बार पकड़े जाने पर: अधिकतम 7 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना।

  • दूसरी बार पकड़े जाने पर: सीधे आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है।

दो पालियों में होगी परीक्षा, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों (Shifts) में संपन्न होगी. पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी.

परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल एवं पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की. मुख्य सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि:

“परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूर्ण गंभीरता से निभाएं।”

स्ट्रांग रूम पर ‘तीसरी आंख’ का कड़ा पहरा

नीट मामले जैसी किसी भी चूक से बचने के लिए यूपी सरकार इस बार तकनीक का पूरा सहारा ले रही है.

  • सीसीटीवी की लाइव फीड: सभी स्ट्रांग रूम के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रहेंगे। भर्ती बोर्ड सीधे लाइव फीड के माध्यम से इसकी निगरानी करेगा।

  • डबल लॉक और डबल गार्ड: परीक्षा की गोपनीय सामग्री को डबल लॉक और डबल गार्ड की सुरक्षा में रखा जाएगा। इसके अलावा निर्बाध बिजली, इंटरनेट और अग्निशमन के कड़े इंतजाम रहेंगे।

  • जैमर और फ्रिस्किंग: परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को रोकने के लिए गहन जांच (Frisking) की जाएगी। यहाँ तक कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक जैसे अधिकारियों के मोबाइल भी परीक्षा कक्ष से बाहर रखवाए जाएंगे।

  • रैंडमाइजेशन: किसी भी सांठगांठ को तोड़ने के लिए कक्ष निरीक्षकों (Invigilators) की ड्यूटी प्रत्येक पाली में रैंडमाइजेशन (लॉटरी सिस्टम) के आधार पर बदली जाएगी।

रेलवे और बस स्टेशनों पर रहेगी विशेष सुरक्षा: डीजीपी

डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को भर्ती बोर्ड के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिनों में लाखों युवाओं की आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, प्रमुख चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस और ट्रैफिक बल तैनात रहेगा ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो.

सरकार के इन सख्त तेवरों से साफ है कि नीट परीक्षा विवाद के बाद अब यूपी सरकार अपनी साख पर कोई आंच नहीं आने देना चाहती. अब देखना यह है कि इन कड़े नियमों के बीच 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में कैसे शामिल होते हैं.

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