UP BJP New Team : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है. पार्टी नेतृत्व ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 46 पदाधिकारियों की नई सूची जारी की है. नई टीम में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति दिखाई दे रही है.
देखिये पूरी लिस्ट
The Bharatiya Janata Party (BJP) has announced the new office-bearers for its Uttar Pradesh unit pic.twitter.com/PZ0wLGqvdY
— IANS (@ians_india) June 25, 2026
UP BJP New Team:राजनाथ सिंह के दूसरे बेटे को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई सूची में सबसे चर्चित नाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह का है. भाजपा ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. इससे पहले यह पद राजनाथ सिंह के बड़े बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह के पास था. संगठन में यह बदलाव भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
इसके अलावा, समाजवादी पार्टी से राजनीति की शुरुआत करने वाली और पूर्व विधायक पूजा पाल को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं बाराबंकी की प्रियंका रावत को प्रमोट करते हुए महामंत्री से उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी ने संजय राय और विधायक राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है.
भाजपा ने युवा वर्ग को संगठन से जोड़ने के लिए रोहित मिश्रा को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति युवा मतदाताओं को साधने और संगठन में नई ऊर्जा भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का खास ख्याल
नई टीम के गठन में क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखा गया है. भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य आगामी चुनावों से पहले संगठन को और अधिक प्रभावी तथा चुनावी दृष्टि से सक्षम बनाना है. पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नई टीम का गठन भाजपा की दीर्घकालिक चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहती है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारियां संभालने वाले पदाधिकारी संगठन को जमीनी स्तर पर कितना मजबूत बना पाते हैं.

