Tuesday, March 3, 2026

NCP : महाराष्ट्र में शरद पवार का टाइम बिगड़ा ,अजीत पवार की हुई NCP,सुप्रिया सुले बोली जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली :  महाराष्ट्र में NCP पर दावेदारी को लेकर पिछले करीब 6-7 महीने से चल रहे झगड़े पर आखिरकार चुनाव आयोग ने विराम लगा दिया है. चुनाव आयोग ने तय कर दिया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पर किसका हक होगा. चुनाव आयोग ने 6 फरवरी मंगलवार को इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है और फैसला अजीत पवार के पक्ष में है. NCP का चुनाव चिन्ह घड़ी अब अजीत पवार के पास जायेगा. चुनाव के इस फैसले से शरद पवार गुट को बड़ा झटक लगा है .

NCP चुनाव आयोग के फैसले से शरद पवार गुट नाराज,जायेंगे सुप्रीम कोर्ट  

एनसीपी पर दावेदारी को लेकर पिछले जुलाई के महीने से  लड़ाई चल रही थी.अब चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद शरद पवार की बेटी और पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि वो आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी.

सुप्रिया सुले ने शिवसेना के मामले के याद करते हुए कहा कि जो शिवसेना के साथ हुआ . आज वही हमारे साथ हुआ है. सुप्रिया सुले ने चुनाव आयोग पर दुर्भावना का आरोप लगाते हुए कहा कि इलेक्शन कमीशन का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. असली एनसीपी शरद पवार की एनसीपी है.

चुनाव आयोग ने अपने फैसले में क्या कहा ?

1.केंद्रीय चुनाव आयोग ने आज ये तय कर दिया कि एनसीपी और इसके चुनाव चिन्ह घड़ी पर अब से अजीत पवार का अधिकार होगा. शरद पवार गुट को अपनी पार्टी के लिए अलग सिंबल का इस्तेमाल करना होगा.

2.चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को नया नाम चुनने के लिए 3 विकल्प मांगे है. आयोग ने शरद पवार गुट को नया नाम आर सिंबल का चुनाव करने के लिए 7 फरवरी दोपहर 3 बजे तक का समय दिया है.

3.चुनाव आयोग ने मंगलवार को जो फैसला दिया है उसके मुताबिक पार्टी संविधान के लक्ष्यों और उनके उद्देश्यों का परीक्षण , पार्टी के सविधान का परीक्षण , संगठनात्मक और विधायी दोनों बहुमत परीक्षण शामिल थे.

  1. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आयोग ने अपने फैसले मे कहा है कि परीक्षण के दौरान अजीत पवार के गुट को संगठनात्मक बहुंत मिला वहीं शरद पवार अपना बहुमत साबित करन में असफल रहे.
  2. चुनाव आयोग के फैसले में विधायी विंग के बहुमत परीक्षण को माना गया. दोनो गुटों को पार्टी संविधान और संगठनात्मक चुनावों के बाहर काम करते पाया गया .पद पर रहने वालों को स्वनामांकित सदस्यों द्व्रारा नियुक्त किया गया जिसे पार्टी के लोकतंत्र के लिए खतरा माना गया.
  3. राज्य सभा में 6 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए आयोग ने शरद पवार गुट को चुनाव संचालन नियम 1961 के प्रावधान 39AA का पालन करने के लिए रियायत दी और 7 फरवरी दोपहर 3 बजे तक नये नाम के साथ अपने चुनाव चिन्ह का नाम देने के लिए कहा.
  4. एनसीपी के मामले में फैसला देते हुए चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के पार्टी में हुए अंतरिक चुनावों और निर्वाचित/ नामांकन करने दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को अपनी वैबसाइट पर प्रकाशित करने की सलाह भी दी.

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