Tuesday, January 13, 2026

डोनाल्ड ट्रंप को नहीं बल्कि इस महिला को मिला शांति का नोबेल पुरस्कार

Nobel Peace Prize : इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार वेनेजुएला की आयरन लेडी के नाम से मशहूर महिला मारिया कोरिना मचाडो को मिला है. मचाडो को ये सम्मान वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए किये गये उनके अथक संघर्ष के लिए मिला है. कोरिना मचाडो को नोबेल पुरस्कार देने वाली कमेटी ने वेनेजुएला को राजशाही और तानाशाही से निकाल कर लोकतंत्र की ओर बढ़ाने के लिए उनके प्रयास और संघर्ष के लिए दिया है. कोरिना मचाडो के नेतृत्व की उत्कृष्टा को इस तरह से समझा जा सकता है कि उन्होंने एक देश में चल रहे तानाशाही शासन को बिन किसी हिंसक संघर्ष के न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया.

Nobel Peace Prize:ट्रंप की उम्मीदों को लगा झटका

नॉर्वेजियन नोबेल समिति की इस घोषण के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन प्रयासों को झटका लगा है जिसमें वो लगतार इसके लिए दावेदारी पेश करने की कोशिश कर रहे थे. डोनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से लेकर कई अन्य देशों में इसके लिए महौल बनाने की . यहां तक कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का झूठा दावा तक कर दिया. रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए बड़बोले दावे किये लेकिन किसी भी प्रयास में सफल नहीं हो सके.

कौन है मारिया कोरिना मचाडो

साल 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो वेनेजुएल की ऐसी संघर्षशील महिला रही जो पिछले एक साल से छिपा हुआ जीवन जीने के लिए मजबूर थी मारिया वेनेजुएला में प्रमुख विपक्षी नेता  हैं लेकिन तनाशाही के कारण छुपना पड़ा और छुपकर ही अपने देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करती रही हैं. कठिनाइयों के बावजूद अपने देश में लोकतंत्र की बहाली के प्रयास नहीं छोड़े और लगातार तानाशाही सत्ता के खिलाफ संघर्ष जारी रखा. 2025 के शांति नोबेल पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबेल कमेटी ने कहा, ‘उनके जीवन को गंभीर खतरा होने के बावजूद, वो अपने देश में बनी रहीं. उनका यह चुनाव लाखों लोगों को प्रेरित करने वाला है.’

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