पश्चिम बंगाल में 9 मई को होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण,ममता बैनर्जी नहीं होंगी शामिल

West Bengal Oath Ceremony कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में वाम सरकार और टीएमसी सरकार के बाद बीजेपी सरकार के साथ नए युग की शुरुआत होने वाली है. विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ऐतिहासिक हार के बाद अब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनने जा रही है. बीजेपी ने राज्य में नई सरकार के सपथ ग्रहण की तारीख तय कर ली है . इस बीच राज्य की  पूर्व सीएम ममता बैनर्जी ने कहा है कि वो इस समारोह में शामिल नहीं होगी. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि ” शपथ ग्रहण समारोह लोकतंत्र का उत्सव मनाने का एक गरिमामय अवसर है, न कि ऐसा अवसर जिसकी गरिमा को किसी राजनीतिक दल ने गिरा दिया हो.’

 West Bengal Oath Ceremony:206 सीटों के साथ बीजेपी का ‘ऐतिहासिक’ बहुमत

बंगाल चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है. 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने लगभग 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. वहीं, पिछले एक दशक से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की TMC महज 81 सीटों पर सिमट गई है. यह हार न केवल पार्टी के लिए बल्कि खुद ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका है.

9 मई को शपथ ग्रहण: क्या है 25 बैशाख का कनेक्शन?

सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में नई बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई 2026 को होना संभावित है. बंगाल में इस तारीख का एक खास सांस्कृतिक महत्व भी है. बांग्ला कैलेंडर के अनुसार इस दिन ’25 बैशाख’ है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है.

हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में 10 मई से पहले शपथ ग्रहण की बात कही जा रही है, लेकिन अधिकांश सूत्र 9 मई की तारीख पर ही अपनी सहमति दे रहे हैं. बीजेपी इस दिन को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है.

मंगलवार को होगी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक

सरकार गठन की प्रक्रियाओं को तेज करते हुए बीजेपी ने कल (मंगलवार) नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर अमित शाह और राजनाथ सिंह के शामिल होने की पूरी संभावना है. इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेगा.

सुवेंदु अधिकारी: मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे

बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है. इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • ममता बनर्जी को हराया: सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों से हराकर अपनी ताकत साबित की है.

  • अनुभव: वे वर्तमान में विपक्ष के नेता हैं और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है.

  • नंदीग्राम की जीत: नंदीग्राम के बाद अब भवानीपुर में जीत ने उन्हें बीजेपी के अंदर ‘जायंट किलर’ के रूप में स्थापित कर दिया है.

अब पश्चिम बंगाल बनेगा सोनार बांग्ला ?

बीजेपी की इस जीत के साथ ही बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के वादे को पूरा करने की चुनौती अब नई सरकार पर होगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है लेकिन अंतिम मुहर मंगलवार को होने वाली हाई-लेवल मीटिंग के बाद ही लगेगी. राज्य में बीजेपी की सरकार से यहां के सरकारी नौकरी पेशा लोग, व्यापारी वर्ग और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का काफी उम्मीदें है. कहा जा रहा है कि अब तक केंद्र सरकार और राज्य सरकार के राजनीतिक टकराव के काऱण प्रदेश की जनता केंद्र की जिन योजनाओं से वाचिंत थी , अब उन योजनाओं का लाभ राज्य की जनता को मिलेगा. डबल इंजन की सरकार में आम लोगों की उम्मीदें प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के वादों से जुड़ी हैं.

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