Supreme Court On stray dogs : आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई चल रही है. सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के सामने हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिया है कि देश भर में जहां-जहां भी आवारा कुत्ते हैं, उन्हें पकड़कर एक निश्चित जगह पर रखा जाये, और उन्हें छोड़ा ना जाये. आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के आदेश के बाद सोशल मीडिया पर पशु प्रेमियों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है.
The Supreme Court has ordered dogs be rounded up from various places and jailed. The Animal Welfare Board has issued an SOP recommending each dog be provided space akin to a funeral pyre. This is what that will look like.
You can help dogs.
Take action here:… pic.twitter.com/XYoVHX4qnS— PETA India (@PetaIndia) January 5, 2026
Supreme Court On stray dogs : बुधवार को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को इस मुद्दे पर सुनवाई की मांग के दौरान जो हुआ वो चर्चा का विषय बन गया है. कुत्तों को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में आई, जिसे देखते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि इतने मामले तो इंसानों के अधिकारों को लेकर नहीं आते हैं, जितने कुत्तों के अधिकारों को लिए आ रहे हैं. बाद में दोनो जजों ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी.अब बुधवार को इस मामले पर सुनवाई होगी.
जस्टिस मेहता बोले- इंसानों के अधिकारो के लिए इतने एप्लीकेशन नहीं आते
जब सुप्रीम कोर्ट में पशु प्रेमियों की तरफ से कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में आई तो इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने चुटीली लेते हुए कहा कि ‘इंसानों के मामलों में इतने अर्जी (Applications) नहीं आते, जितने इस मुद्दे पर आ रहे हैं.’ दरअसल सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्प्णी उन हजारों याचिकाओं को लेकर थी, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से आवारा कुत्तों के आतंक और उनके समाधान को लेकर कोर्ट में लंबित हैं.
तमाम अर्जियों को देखते हुए जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि हम मुद्दे को प्राथमिकता दे रहे है. आप सभी एक साथ आइये, हम सुनवाई करेंगे.
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश
बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर सख्त आदेश देते हुए प्रशासन से कहा था कि सभी जगहों पर आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम में रखा जाये, और उन्हें किसी भी स्थिति में छोड़ा न जाये. देशभर में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लेकर क्या कार्रवाई की गई है, इसे देखने के लिए 13 जनवरी की तारीख लगी है. 13 जनवरी को सरकार सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी.
आपको बता दें कि पिछले कुछ समय में सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़ी कई याचिकाएं आई हैं एक तरफ ‘एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट’ हैं, जो कुत्तों की नसबंदी और उनके प्रति मानवीय व्यवहार की वकालत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे पीड़ित लोग और स्थानीय निकाय के लोग हैं जो आवारा कुत्तों के जानलेवा हमलों से जनता को बचाने के लिए कड़े कदम (जैसे कुत्तों को हटाने या नियंत्रित करने) की मांग कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट अपने पिछले आदेश में ये साफ-साफ कहा था कि ‘आवारा कुत्तों की समस्या और इंसानी जान की सुरक्षा के बीच एक ‘संतुलन’ बनाना जरूरी है.’ सुप्रीम कोर्ट ने इस संतुलन को कायम करने में स्थानीय प्रशासन की विफलताओं और Animal Birth Control (ABC) Rules के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी सवाल उठाए हैं..

